
आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में हार्ट अटैक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन कई बार दिल का दौरा बिना किसी तेज दर्द या स्पष्ट लक्षण के भी पड़ सकता है — जिसे “Silent Heart Attack” कहा जाता है। ये खतरनाक इसलिए होता है क्योंकि मरीज को पता ही नहीं चलता कि उसे दिल का दौरा पड़ा है, और इलाज में देर हो जाती है।
क्या है साइलेंट हार्ट अटैक?
साइलेंट हार्ट अटैक में व्यक्ति को सामान्य हार्ट अटैक जैसे लक्षण (तेज सीने में दर्द, बेहोशी, सांस फूलना आदि) नहीं दिखते। इसकी जगह हल्का सीने में दबाव, कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है, जिसे लोग अक्सर गैस या थकावट समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
हल्का सीने में दबाव या भारीपन – दर्द नहीं, पर अजीब सा बोझ महसूस होना।
सांस लेने में दिक्कत – थोड़ा चलने या काम करने पर सांस फूलना।
थकान या कमजोरी – बिना किसी मेहनत के भी शरीर थका-थका लगे।
पसीना आना या चक्कर आना – अचानक ठंडा पसीना या सिर घूमना।
पीठ, जबड़े या बांह में हल्का दर्द – खासकर बाएं हाथ में दर्द होना।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित लोग
अधिक उम्र के पुरुष और महिलाएं
ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल के मरीज
अत्यधिक तनाव में रहने वाले लोग
धूम्रपान करने वाले या मोटापे से ग्रस्त लोग
कैसे करें पहचान और बचाव?
कई लोग साइलेंट हार्ट अटैक को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए हर हल्के से लक्षण को भी गंभीरता से लें और डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।