
गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा हाल ही में किए गए बड़े मंत्रिमंडल फेरबदल में नई टीम को विभाग आवंटित कर दिया गया है। इस फेरबदल में कुल 25 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है — जिसमें उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को गृह विभाग की बड़ी ज़िम्मेदारी दी गई है, तो कनुभाई मोहनलाल देसाई को वित्त, शहरी विकास और शहरी आवास विभाग संभालना होगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्वयं कुछ प्रमुख विभागों को अपने पास रखा है जैसे सामान्य प्रशासन, प्रशासन सुधार, प्रशिक्षण, योजना, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, सड़क व भवन एवं पूंजी परियोजनाएँ आदि।
हर्ष संघवी को गृह विभाग, पुलिस आवास, जेल, सीमा सुरक्षा, गृह रक्षक दल, नागरिक सुरक्षा, परिवहन, विधि और न्याय, खेल और युवा सेवा जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। गृह मंत्रालय मिलने का मतलब है कि उन्हें राज्य की कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने की ज़िम्मेदारी मिली है — यह विभाग हमेशा से राजनीतिक महत्व वाले विभागों में शामिल रहा है।

कनुभाई देसाई को वित्त, शहरी विकास और शहरी आवास विभाग दिए गए हैं। वित्त विभाग मिलने का मतलब है कि राज्य की अर्थव्यवस्था, बजट निर्माण और राजस्व नीति उनके नियंत्रण में होंगे। शहरी विकास और आवास विभागों से शहरों की बढ़ती आबादी, आवास योजनाएँ और बुनियादी ढाँचे की चुनौतियाँ जुड़ी हैं।
ऋषिकेश पटेल को ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स, पंचायत एवं ग्रामीण आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य जैसे विभागों को संभालेंगे। रिवाबा जडेजा को उन्हें प्राथमिक, माध्यमिक और वयस्क शिक्षा का विभाग मिला है। अन्य मंत्रियों को कृषि, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, पर्यावरण, खाद्य और नागरिक आपूर्ति आदि विभागों का दायित्व दिया गया है।

यह विभाग आवंटन केवल पदों का वितरण नहीं है — यह संकेत है कि राज्य सरकार किन क्षेत्रों पर फोकस करना चाहती है। गृह विभाग और वित्त विभाग जैसे शक्तिशाली विभागों को भरोसेमंद नेताओं को देना यह दिखाता है कि सरकार इन विभागों में सख्त नियंत्रण रखना चाहती है। हर्ष संघवी का गृह मंत्रालय संभालना यह बताता है कि सरकार उन्हें सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था मामलों में एक मजबूत चेहरा बनाना चाहती है। वहीं, वित्त मंत्रालय मिलने से कनुभाई देसाई को बजट और आर्थिक निर्णयों में मुख्य भूमिका मिलेगी। इसके अलावा, अधिकांश विभागों में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है जैसे कि शिक्षा, कृषि, ऊर्जा ताकि विकास का समग्र दृष्टिकोण बना रहे। नए मंत्रिमंडल में सामाजिक वर्गों की विविधता भी दिखाई देती है — ताकि राजनीतिक आधार मजबूत हो सके।