
दिवाली का पर्व धन, वैभव और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस पवित्र त्योहार की शुरुआत धनतेरस से होती है और पांच दिनों तक यह पर्व चलता है। छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का दिन इस पूरे पर्व का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात किए गए कुछ खास उपाय व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकते हैं। अगर इस रात नारियल से जुड़ा एक विशेष उपाय किया जाए, तो रुके हुए कार्य बनने लगते हैं और किस्मत चमक उठती है। आइए जानते हैं इस उपाय का महत्व और विधि।
छोटी दिवाली पर नारियल का महत्व
नारियल को हिंदू धर्म में “श्रीफल” कहा गया है और इसे मां लक्ष्मी का प्रिय फल माना जाता है। पूजा-पाठ से लेकर तंत्र-विद्या तक, हर शुभ कार्य में नारियल का विशेष स्थान है। नारियल को शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि नारियल मां लक्ष्मी का स्वरूप है और इसके प्रयोग से धन की ऊर्जा सक्रिय होती है।
कैसे करें नारियल का उपाय
छोटी दिवाली की रात, सूर्यास्त के बाद एक ताजा नारियल लें। उस पर हल्दी, कुमकुम और अक्षत (चावल) से तिलक करें। फिर उस नारियल को लाल या पीले कपड़े में लपेट लें और मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के सामने दीपक जलाकर “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 11 बार जाप करें।
इसके बाद उस नारियल को घर के मुख्य द्वार पर रख दें या किसी मंदिर में चढ़ा दें।
माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और मां लक्ष्मी की कृपा से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।

क्या होगा लाभ
इस उपाय को करने वाले व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। व्यापार में उन्नति मिलती है और नौकरी में अटके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। साथ ही, पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव भी दूर होता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनकी कुंडली में धन से संबंधित बाधाएं हैं। छोटी दिवाली की रात को किया गया यह उपाय जीवन में नई ऊर्जा, सौभाग्य और समृद्धि लाने वाला माना गया है।
छोटी दिवाली केवल सफाई और दीपदान का दिन नहीं है, बल्कि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर नई शुरुआत करने का अवसर भी देता है। अगर श्रद्धा और विश्वास से नारियल का यह उपाय किया जाए, तो मां लक्ष्मी की कृपा से किस्मत जरूर चमक उठती है। इसलिए इस बार दिवाली 2025 पर छोटी दिवाली की रात इस उपाय को अवश्य करें और अपने जीवन में सुख-समृद्धि का स्वागत करें। by shruti kumari
