
8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस बार आयोग में शामिल होने वाले सदस्यों की भूमिका काफी अहम रहने वाली है। खबरों के अनुसार, आयोग में एक जज, एक प्रोफेसर और एक सीनियर IAS अधिकारी शामिल होंगे जो मिलकर 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 70 लाख पेंशनभोगियों की सैलरी और भत्तों का ढांचा तय करेंगे।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि सरकार लोकसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। अगर आयोग अपनी सिफारिशें जल्दी सौंप देता है, तो 2026 से पहले ही नया वेतन ढांचा लागू हो सकता है। वहीं वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, आयोग को महंगाई भत्ते (DA), पे ग्रेड स्ट्रक्चर और नई पेंशन स्कीम (NPS) की समीक्षा का भी जिम्मा दिया जा सकता है।

कई विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों का वेतन स्तर 7वें वेतन आयोग की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मोदी सरकार 2026 से पहले कर्मचारियों को खुशखबरी देती है या नहीं।
