
साल की छुट्टी के दौरान अगर आप कहीं शांत, इतिहास-से भरी और धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं, तो कुरुक्षेत्र एक बेहतरीन विकल्प है। कुरुक्षेत्र वो जगह है जहाँ महाभारत युद्ध हुआ था और जहाँ Jyotisar में Krishna ने अर्जुन को भगवद गीता की शिक्षा दी थी। इसके कारण यहाँ की हवा-मानस बहुत खास है और सबको आकर्षित करती है। कुरुक्षेत्र में सुबह-सुबह निकलें और सबसे पहले जाएँ Brahma Sarovar, एक पवित्र सरोवर जहाँ आंध्र से लेकर देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। यहाँ की शांत जलधारा और घाटों का दृश्य मन को बहुत सुकून देता है।

इसके बाद आप जाएँ जहाँ गीता का प्रवचन हुआ था— यानी Jyotisar। वहाँ एक पुराने बरगद के नीचे खड़े होकर सोचिए उस क्षण को। इस नम और पवित्र जगह पर बिताया समय आपको अंदर से ताजगी देगा। इतना ही नहीं, इतिहास-प्रेमियों के लिए है Sheikh Chilli’s Tomb — मुगल शैली की कब्र जिसके आसपास सुस्त-समय बिताना भी यादगार होगा।

अगर परिवार या बच्चों के साथ हैं, तो हल्की-हल्की भीड़-भाड़ के बीच समय बिताने के लिए Kurukshetra Panorama & Science Centre भी जा सकते हैं जहाँ महाभारत-युद्ध का जीवन-सामय-मंची अनुभव मिलता है। नए साल पर यहाँ आकर आप न सिर्फ नई शुरुआत कर सकते हैं बल्कि अपने अंदर एक शांति-और-चरित्र दोनों अनुभव ले सकते हैं। हल्की ठंड-ठंडी हवा के बीच, इतिहास की गूंज और धार्मिक माहौल, सब कुछ मिलकर इस यात्रा को खास बना देते हैं। तो अगर आपने अभी तक नए साल की योजना नहीं बनाई है, तो कुरुक्षेत्र की तरफ निकलें—शांत जगह, बड़ी-छोटी कहानियाँ और एक नए साल के लिए नया अनुभव आपका इंतज़ार कर रहे हैं।