
रिपोर्ट : विजय तिवारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे की शुरुआत सूरत से की। दौरे का मुख्य केंद्र रहा मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, जिसके तहत सूरत में बन रहे अत्याधुनिक बुलेट ट्रेन स्टेशन का प्रधानमंत्री ने जमीनी निरीक्षण किया। भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना की प्रगति को परखने के लिए यह PM मोदी का अब तक का सबसे अहम फील्ड रिव्यू माना जा रहा है।
स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण — अधिकारियों से प्रस्तुतिकरण, तकनीकी ब्रीफिंग
PM मोदी ने स्टेशन के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया, जिनमें शामिल थे—
मल्टी-लेवल एंट्री सिस्टम,
एलीवेटेड प्लेटफॉर्म,
यात्री इंटरचेंज ज़ोन,
स्टील स्ट्रक्चर और ट्रैक-बेड का निर्माण,
उन्नत सिग्नलिंग और सेफ्टी सिस्टम के इंस्टॉलेशन।
अधिकारियों और इंजीनियरों ने प्रधानमंत्री को परियोजना की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। ब्रीफिंग में बताया गया कि—
सूरत–बिलिमोरा सेक्शन में सिविल व ट्रैक-बेड कार्य सबसे तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है,
स्टेशन का डिज़ाइन अंतरराष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है,
यात्री सुविधाओं के लिए फ्यूचर-रेडी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है,
सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक ETCS सिग्नलिंग सिस्टम लागू किए जा रहे हैं।
स्टेशन परिसर में मौजूद तकनीकी टीम और श्रमिकों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि परियोजना समय सीमा में पूरी करना “भारत की वैश्विक क्षमता का प्रमाण होगा।”
भारत की पहली बुलेट ट्रेन का महत्व — 508 किमी, 2 घंटे की यात्रा
मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, जो 508 किमी लंबा है, भारत के परिवहन क्षेत्र में सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जाता है। इसके पूरा होने पर—
मुंबई–अहमदाबाद सफर दो घंटे में पूरा होगा,
ट्रेन की डिज़ाइन स्पीड 320 किमी प्रति घंटा होगी,
कुल 12 हाई-स्पीड स्टेशन बन रहे हैं, जिनमें सूरत प्रमुख हब है।
सरकार का दावा है कि यह प्रोजेक्ट केंद्रीय और पश्चिम भारत के लिए लॉजिस्टिक्स, उद्योग, सेवाओं, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा और “गुजरात-महाराष्ट्र आर्थिक गलियारे” को और मजबूत करेगा।

नर्मदा जिले में ₹9700 करोड़ से अधिक की योजनाओं का शुभारंभ
सूरत निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री नर्मदा जिले पहुंचे, जहाँ उन्होंने आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹9700 करोड़ से अधिक मूल्य की विकास योजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं का लक्ष्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना है।
मुख्य घोषणाएँ शामिल—
PM-JANMAN और DA-JAGUA अभियानों के तहत एक लाख से अधिक ग्रामीण घरों का गृहप्रवेश,
आदिवासी बेल्ट में ईक्लाव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार,
नये सड़क मार्ग, पुल और कनेक्टिविटी सुधार परियोजनाएँ,
कृषि व वन उपज के लिए मल्टी-मार्केटिंग सेंटर्स,
ग्रामीण समुदायों को सक्षम बनाने के लिए मल्टी-पर्पज कम्युनिटी सेंटर्स।
इन योजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, आवास और स्थानीय रोजगार के मोर्चे पर बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
दौरे का व्यापक संदेश — हाई-टेक शहर और मजबूत गांव, दोनों पर समान दृष्टि
PM मोदी का यह दौरा केंद्र सरकार की दोहरी विकास नीति को दर्शाता है—
- हाई-टेक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर — जैसे बुलेट ट्रेन और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स सिस्टम,
- ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों का समग्र उत्थान — जहाँ सामाजिक-आर्थिक आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है।
एक ओर मेगा ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देंगे, वहीं दूसरी ओर ₹9700 करोड़ की ग्रामीण योजनाएँ जमीनी स्तर पर विकास का दायरा बढ़ाकर सामाजिक संतुलन को सुनिश्चित करेंगी।
