रिपोर्टर-अन्नू दिवाकर

गुजरात के वडोदरा में साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर ऑनलाइन फ्रॉड कर रहा था। शहर के गोटरी इलाके में एक बंगले से इस गिरोह का संचालन हो रहा था, जहाँ से तीन लोगों—स्वयम् राउट, स्नेह पटेल और अंश पंचाल—को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा रैकेट एक फर्जी कॉल सेंटर बनाकर विदेशियों को लोन देने के नाम पर ठगने का काम कर रहा था।जांच में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम ग्रुप्स से अमेरिकी नागरिकों के मोबाइल नंबर और व्यक्तिगत डाटा खरीदते थे। इसके बाद वे “Prosper Funding Company” के नाम पर मैसेज भेजते थे, जिसमें लोन ऑफर किया जाता था। जैसे ही कोई पीड़ित इस लोन में दिलचस्पी दिखाता था, फ्रॉडस्टर्स उससे 30% कमीशन की मांग करते थे।
इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए वे खुद ही वॉलेट्स और पेमेंट प्लेटफॉर्म सुझाते थे, जहां पीड़ित से पैसे जमा करवाए जाते थे। पुलिस ने बताया कि यह रैकेट अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम की एक कमजोरी का फायदा उठाता था। आरोपी पहले एक नकली ट्रांजेक्शन दिखाते थे जो पीड़ित के खाते में अस्थायी बैलेंस के रूप में दिखाई देता था, लेकिन असल में वह पैसा ट्रांसफर ही नहीं होता था। पीड़ित को लगता था कि लोन मिल गया है और वह कमीशन तुरंत भेज देता था, जबकि पूरा लेनदेन फर्जी होता था।

छापेमारी के दौरान पुलिस को लैपटॉप, मोबाइल फोन और संवेदनशील डेटा के कई सेट मिले हैं, जिनमें सैकड़ों अमेरिकी नागरिकों की बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी शामिल है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि फ्रॉड से कमाई गई रकम को आरोपी क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे, ताकि पैसों का ट्रैक न हो सके। अब तक अनुमान लगाया गया है कि इस गिरोह ने पिछले तीन महीनों में करीब 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक छोटा यूनिट नहीं, बल्कि संभवत: एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। साइबर क्राइम टीम अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय लिंक की तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है।