
कानपुर देहात में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बैंक में रूपये जमा करने निकले एक गल्ला व्यापारी की हत्या कर दी गई। मृतक के पिता की तहरीर पर उसके ही दोस्त के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों को स्तब्ध कर देने वाली है।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
शिवली थाना क्षेत्र के अरशदपुर निवासी संतराम राजपूत के 28 वर्षीय बेटे राजा बाबू एक छोटे स्तर के गल्ला व्यापारी थे। रोज की तरह 24 नवंबर की दोपहर वह घर पर ही मौजूद थे, तभी करीब 3:30 बजे उनके मोबाइल पर बिहारी पुरवा निवासी नीलू गौतम का फोन आया। नीलू, राजा बाबू का परिचित और दोस्त बताया जाता है। फोन पर उसने राजा बाबू को शिवली आने के लिए बुलाया।
परिवार का कहना है कि इसी कॉल के बाद राजा बाबू घर से बाहर निकले। पिता संतराम ने उन्हें 70 हजार रुपये बैंक में जमा करने के लिए दिए थे, वहीं भतीजे अजीत ने 80 हजार रुपये और दे दिए। कुल डेढ़ लाख रुपये व अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर राजा बाबू घर से निकल पड़े।
लापता होने से लेकर लाश मिलने तक
शाम हो गई लेकिन राजा बाबू घर नहीं लौटे। परिजनों ने कई बार फोन मिलाया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। परिवार और रिश्तेदारों ने रातभर खोजबीन की, मगर कोई पता नहीं चला।
अगले दिन 25 नवंबर की सुबह लगभग 11 बजे ग्रामीणों ने केसरी निवादा नहर पुल के पास तालाब के किनारे एक युवक की लाश पड़ी होने की सूचना दी। पास ही एक बाइक भी गिरी हुई थी। पहचान करने पर पता चला कि वह शव राजा बाबू का है।
परिवार का आरोप है कि बाइक को जानबूझकर घटना स्थल पर गिराया गया, ताकि मामला दुर्घटना जैसा लगे। शरीर पर चोटों के निशान और कपड़ों की हालत देखकर परिवार ने हत्या की आशंका जाहिर की।

दोस्त पर लगा हत्या का आरोप
मृतक के पिता संतराम राजपूत ने पुलिस को दी गई तहरीर में स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया है कि नीलू गौतम ही उनके बेटे का हत्यारा है।
उनका कहना है कि—
- नीलू ने राजा बाबू को फोन कर बाहर बुलाया
- उसी दिन वह बेटे के साथ दिखाई भी दिया था
- उसके पास बेटे की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी
- बेटे के पास डेढ़ लाख रुपये थे, जो कि घटना स्थल से बरामद नहीं हुए
परिजन का मानना है कि हत्या के पीछे लूट की मंशा हो सकती है।
पुलिस की कार्रवाई और शुरुआती जांच
शिवली थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण यादव ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर नीलू गौतम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि नीलू भगत का काम करता था और वह अक्सर राजा बाबू के संपर्क में रहता था।
पुलिस टीम आरोपित की तलाश में दबिश दे रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। साथ ही घटनास्थल से मिले सुरागों, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय क्षेत्र में गुस्सा और दहशत
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। एक युवक का इस तरह अचानक गायब होना और अगले ही दिन उसकी हत्या की खबर मिलने से लोग आक्रोशित हैं। व्यापारी वर्ग ने भी सुरक्षा की मांग उठाई है।
राजा बाबू की मौत ने एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं, जबकि उनका दो सहेलियों और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियाँ अब पिता संतराम पर आ गई हैं। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और उम्मीद कर रहा है कि आरोपी जल्द पकड़ा जाए।
यह दुखद घटना दोस्ती की आड़ में रचे गए एक ऐसे घातक षड्यंत्र को उजागर करती है, जिसने एक होनहार युवक की जिंदगी खत्म कर दी। पुलिस की तफ्तीश से आगे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
