
डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए बाबा साहब के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की और समाजिक समरसता को मजबूत करने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की नींव रखने वाले आंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि समान अधिकार, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्य का प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी देश को मार्गदर्शन देते हैं।
महापरिनिर्वाण दिवस से पहले विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री योगी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में स्थित बाबा साहब की मूर्तियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सभी मूर्तियों पर बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी और उन पर छत्र (शेड) लगाया जाएगा। उनका कहना था कि सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि उनके प्रतीकों और विरासत की सुरक्षा से भी पूरा होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी जगह बाबा साहब की प्रतिमा असुरक्षित स्थिति में न रहे। कई स्थानों पर खुले में पड़ी मूर्तियों या बिना सुरक्षा के स्थलों को लेकर सामाजिक संगठनों द्वारा उठाई गई मांगों के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रतिमाओं के चारों तरफ साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और नियमित देखरेख की व्यवस्था भी की जाए।
योगी ने कहा कि डॉ. आंबेडकर का जीवन भारत के उन करोड़ों लोगों की आवाज था जिन्हें दशकों तक हाशिये पर रखा गया। संविधान निर्माता के रूप में उन्होंने सभी भारतीयों को समान अवसर और अधिकार देने की व्यवस्था की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर युवाओं से भी आह्वान किया कि वे आंबेडकर द्वारा स्थापित लोकतांत्रिक मूल्यों समानता, शिक्षा और आत्मसम्मान—को जीवन में अपनाएं।
सरकार द्वारा चलाई जा रही अनेक योजनाओं का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि दलित, वंचित और गरीब समाज के उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है। चाहे आवास योजना हो, छात्रवृत्ति, उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम या नई रोजगार नीतियाँ—इन सबका उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है।
महापरिनिर्वाण दिवस पर प्रदेशभर में प्रभात फेरी, विचार गोष्ठियाँ और पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। जगह-जगह आंबेडकर के विचारों पर आधारित पुस्तक प्रदर्शनियाँ लगीं और सामुदायिक सद्भाव कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बाबा साहब के जीवन का सबसे बड़ा संदेश है। “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।” यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था। उन्होंने कहा कि जब समाज शिक्षा और समानता की दिशा में आगे बढ़ता है, तभी राष्ट्र मजबूत होता है।
समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे संविधान की भावना का सम्मान करें और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखें। उन्होंने आश्वस्त किया कि बाबा साहब की हर मूर्ति सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानित होगी। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
