
प्रयागराज मंडल के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव दिखाई देगा। रेलवे प्रशासन ने परिचालन व्यवस्था को और सुचारु बनाने, भीड़ को नियंत्रित करने तथा समयबद्धता को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने की तैयारी कर ली है। शिवगंगा एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, संगम इंटरसिटी सहित कुल 47 प्रमुख ट्रेनों के प्लेटफॉर्म 2 जनवरी से बदल दिए जाएंगे, जिसकी औपचारिक घोषणा रेलवे कल करने जा रहा है।
इस फैसले से प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, प्रयागराज संगम और आसपास के कई स्टेशनों पर ट्रेनों की आवाजाही का नया ढांचा तैयार होगा। रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिया है कि प्लेटफॉर्म परिवर्तन का यह निर्णय लंबे अध्ययन, यात्रियों की प्रतिक्रिया तथा पीक-आवर भीड़ की समीक्षा के बाद लिया गया है। वर्तमान में कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें एक ही प्लेटफॉर्म पर आने के कारण भारी भीड़, यात्रा में देरी और कोच तक पहुँचने में दिक्कतें बढ़ जाती थीं। इन समस्याओं को कम करने के लिए रेलवे ने अगले साल की शुरुआत से ही नए प्लान को लागू करने का निर्णय लिया है।

रेलवे द्वारा जारी की जाने वाली आगामी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया जाएगा कि कौन-सी ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होगी, किन समयों में यह बदलाव प्रभावी होगा, और यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। कल जारी होने वाले नए शेड्यूल में यह भी बताया जाएगा कि प्लेटफॉर्म परिवर्तन स्थायी होंगे या कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से लागू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, स्टेशन परिसर में घोषणा प्रणाली, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, मोबाइल एप्लिकेशन और वेबसाइट पर भी अपडेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह रहेगी कि वे यात्रा की तारीख से एक-दो दिन पहले अपना ट्रेन नंबर और प्लेटफॉर्म अवश्य जाँच लें, ताकि अंतिम समय पर होने वाली भागदौड़ से बचा जा सके। विशेष रूप से शिवगंगा और राजधानी जैसी व्यस्त ट्रेनों में सवार होने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने का असर सीधे दिखाई देगा। रेलवे के अनुसार, नए प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों की व्यवस्था करने से भीड़ विभाजन होगा और ट्रेनों के आवागमन में तेज़ी आएगी, जिससे देर होने की शिकायतें कम होंगी।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण जंक्शन पर हर दिन लाखों की संख्या में यात्री आते-जाते हैं। माघ-मेले और अन्य समारोहों के समय यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में प्लेटफॉर्मों का पुनर्विन्यास आवश्यक हो गया था, ताकि बड़े आयोजनों और सामान्य दिनों—दोनों स्थितियों में ट्रेनों का संचालन बिना रोक-टोक चलता रहे। साथ ही, कई ट्रैकों पर मरम्मत और तकनीकी कार्य भी प्रस्तावित हैं, जिनके प्रभाव को कम करने के लिए यह बदलाव जरूरी माना गया है।
कल जारी होने वाली आधिकारिक सूची के बाद यात्रियों को स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी कि उनकी ट्रेन किस प्लेटफॉर्म से खुलेगी। रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि बदलाव प्रारंभिक दिनों में थोड़ी परेशानी पैदा कर सकते हैं, लेकिन दीर्घकाल में यह निर्णय यात्रा को अधिक सुविधाजनक और सुचारु बनाने वाला साबित होगा।
