
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बिगड़ते हालात पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इसी के तहत राजधानी में पॉल्यूशन फैलाने वाली 411 औद्योगिक और व्यावसायिक इकाईयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया गया है। यह कार्रवाई वायु गुणवत्ता सुधारने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीमों ने हाल के दिनों में दिल्ली के विभिन्न इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाया। जांच में पाया गया कि कई फैक्ट्रियां बिना अनुमति चल रही थीं, जबकि कुछ निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रही थीं। इनमें कई ऐसी भी इकाइयां शामिल थीं जिनसे बड़ी मात्रा में धुआं और औद्योगिक कचरा पर्यावरण में मिल रहा था। अधिकारियों के मुताबिक इन इकाइयों पर नियमों का उल्लंघन, प्रदूषण फैलाने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे आरोप लगते हैं।
राजधानी में प्रदूषण का स्तर हर साल सर्दियों में खतरनाक श्रेणी तक पहुंच जाता है। इस साल भी AQI खतरनाक सीमा के पास दर्ज किया जा रहा है। धुएं और धुंध की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और दमा जैसी बीमारियों में तेजी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक प्रदूषण, निर्माण कार्य, वाहनों का धुआं और पराली जलाने जैसे कारण समस्या को और बढ़ा रहे हैं।

सरकार ने साफ किया है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, लोगों को भी जागरूक होकर प्रदूषण कम करने में सहयोग देने की अपील की गई है।
यह सख्त कदम उम्मीद जगाता है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा और दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल साबित होगी।
