सतर्क रहें, सुरक्षित रहें सत्य और निष्पक्षता के साथ, BeAlertMedia आपको रखे हर पल अपडेट।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पश्चिम बंगाल सरकार को बकाया DA जारी करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को एक बड़ा कानूनी झटका दिया है और राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को उनका वैधानिक अधिकार माना है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल सरकार को अपने कर्मचारियों को 2009 से 2019 तक का बकाया DA भुगतान करना होगा, जिसे राज्य अब तक जारी नहीं कर पा रही थी।

सुप्रीम कोर्ट की इस अहम फैसले में कर्मचारियों के पक्ष में आदेश दिया गया है कि यह भत्ता उनके वेतन का हिस्सा है और उसे राज्य द्वारा देना अनिवार्य है। कोर्ट ने इस फैसले में यह भी कहा है कि DA कोई स्थिर चीज नहीं है बल्कि महंगाई की दर के अनुसार बदलाव होता है, और यह ROPA नियमों के तहत कर्मचारियों का अधिकार है। राज्य सरकार के दावे कि वित्तीय कठिनाइयों के कारण भत्ता नहीं दिया जा सकता, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिए हैं और यह स्पष्ट किया है कि सरकार की वित्तीय स्थिति कर्मचारियों के अधिकार को बाधित नहीं कर सकती। इस आदेश से राज्य के लगभग 20 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से बकाया भत्ते के भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए पूर्व जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन भी किया है, जो DA भुगतान के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी। यह समिति मार्च 2026 तक अपनी सिफारिशें सौंपेगी।

पश्चिम बंगाल सरकार ने अब तक कई बार DA के भुगतान में देरी की है और इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक खींचा था, लेकिन उच्च न्यायालय का कहना है कि once किसी अधिकार को प्रदान कर दिया गया है, तो उसे शारीरिक भुगतान में विलंब नहीं करना चाहिए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top