
बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Tarique Rahman की पार्टी Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने हालिया चुनाव में जीत दर्ज की है, जिसके बाद नई सरकार बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस राजनीतिक बदलाव का असर भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी पड़ सकता है। चुनाव जीतने के बाद तारिक रहमान ने कहा कि उनकी सरकार “बांग्लादेश फर्स्ट” नीति पर काम करेगी और विदेश नीति में देश के हित को सबसे ऊपर रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ रिश्ते आपसी सम्मान और समानता के आधार पर आगे बढ़ाए जाएंगे।
इस बीच एक बड़ा मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के प्रत्यर्पण (Extradition) को लेकर भी सामने आया है। BNP के कुछ नेताओं ने संकेत दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे शेख हसीना को भारत से वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। हालांकि पार्टी का कहना है कि यह मामला पूरी तरह कानून के दायरे में होगा और इससे भारत के साथ रिश्तों पर नकारात्मक असर नहीं पड़ना चाहिए। भारत की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तारिक रहमान को जीत की बधाई दी है और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों के संबंधों में “रीसेट” जैसा माहौल बन सकता है, जहां पुराने मुद्दों पर बातचीत के जरिए समाधान खोजने की कोशिश होगी। फिलहाल बांग्लादेश में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जारी है और सभी की नजर इस बात पर है कि नई नेतृत्व टीम भारत समेत पड़ोसी देशों के साथ किस तरह संबंध आगे बढ़ाती है। आने वाले समय में कूटनीतिक बातचीत और आपसी सहयोग इस क्षेत्र की राजनीति के लिए अहम साबित हो सकते हैं।