
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुए तरुण मर्डर केस में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में मुख्य आरोपी से जुड़ी संपत्ति पर नगर निगम (MCD) ने बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई आरोपी निजामुद्दीन से जुड़े घर पर की गई, जिसे अवैध निर्माण बताया जा रहा है। इस कदम को प्रशासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति का हिस्सा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि 4 मार्च को होली के दिन उत्तम नगर के हस्तसाल इलाके में दो पड़ोसी परिवारों के बीच झगड़ा हो गया था। विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक बच्ची द्वारा फेंका गया पानी से भरा गुब्बारा गलती से पड़ोस की एक महिला पर गिर गया। इस छोटी सी बात पर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई और देखते ही देखते मामला हिंसक झगड़े में बदल गया।
झगड़ा इतना बढ़ गया कि कई लोग इकट्ठा हो गए और मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान 26 वर्षीय तरुण को गंभीर चोटें आईं। बताया जाता है कि हमलावरों ने लोहे की रॉड, डंडों और पत्थरों से हमला किया, जिससे तरुण बुरी तरह घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

पुलिस ने इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमरदीन, जुम्मादीन, मुस्ताक, कमरुद्दीन, मुजफ्फर और ताहिर के रूप में हुई है। सभी आरोपी उत्तम नगर इलाके के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। तरुण की मौत के बाद पुलिस ने एफआईआर में हत्या की धारा भी जोड़ दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं दिल्ली सरकार ने भी घटना को दुखद बताते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। पुलिस और प्रशासन दोनों इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं और आगे भी कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।