
उत्तर प्रदेश के हरदोई में धार्मिक गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मां सिर्फ उनके परिवार की सदस्य नहीं हैं, बल्कि “हम सबकी मां” हैं और किसी भी समाज में मातृशक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
अविमुक्तेश्वरानंद ने जोर देकर कहा कि ऐसे बयान आपसी भाईचारे और समाज की एकता को नुकसान पहुंचाते हैं और इसके लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी धर्मगुरु हो, माँ के बारे में अपशब्द बोलना गलत है और इसे किसी भी धर्म या परंपरा में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे अपने मौलानाओं को मर्यादा में रहने की समझाइश दें और इस तरह की बयानबाजी से रोकें। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने एक धार्मिक सभा के दौरान कथित रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के बारे में विवादित और अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिससे सोशल मीडिया और सामाजिक समूहों में काफी आक्रोश फैल गया। कई लोगों ने इस बयान को असभ्य और आपत्तिजनक बताया और कहा कि यह टिप्पणी न केवल मुख्यमंत्री की मां के सम्मान के खिलाफ है बल्कि व्यक्तिगत और सांस्कृतिक मर्यादाओं को भी ठेस पहुंचाती है।

बलरामपुर में बीजेपी के जिलाध्यक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मौलाना के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बलरामपुर के अलावा उत्तर प्रदेश के 83 थानों में मौलाना के खिलाफ तहरीर दी गई है। इस मामले में हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बीजेपी पदाधिकारियों और छात्रों ने पुलिस को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मौलाना को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि मौलाना ने उत्तर प्रदेश में गौकशी के खिलाफ बनाए गए सख्त कानूनों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री की वृद्ध माता के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने भड़काऊ अंदाज में कहा कि यहां ऐसा कानून है कि अगर किसी के पास मुख्यमंत्री की मां का मांस भी मिल जाए, तो पुलिस उसे एनकाउंटर कर देती है या उसके पैरों में चोट पहुंचा देती है।