
क्राइम रिपोर्ट :अन्नू दिवाकर
कानपुर। अशोक नगर के कारोबारी से सिमकार्ड को ई-सिम में बदलकर 1.28 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले साइबर ठगों के गिरोह के एक आरोपित को सात माह बाद साइबर टीम ने मेरठ से गिरफ्तार किया है। ठगों ने ठगी गई रकम से आनलाइन एक कंपनी से सोना खरीदा था। साइबर टीम आरोपित से पूछताछ कर रही है।
अशोक नगर निवासी लाजिस्टिक कारोबारी मोकम सिंह गुरुद्वारा भाई बन्नो साहिब प्रबंधन समिति के पूर्व प्रधान हैं। उनके बेटे हरदीप सिंह के मुताबिक, 23 अगस्त की रात पिता के वाट्सएप पर पीएम किसान योजना, आरटीओ चालान, केनरा बैंक, आधार अपडेट, इंदिरा आवास विलेज समेत कई योजनाओं के नाम की एपीके फाइल आई थी। इसके बाद उसी रात 11:17 बजे उनके मोबाइल फोन पर एयरटेल कंपनी का सिम बदलने का मैसेज आया। उसमें लिखा था कि आपका सिमकार्ड बदलने का आदेश हुआ है। अगर सिम नहीं बदलना चाहते हैं तो ”नो सिम” लिख 121 पर मैसेज कर दें।

पिता ने मैसेज कर दिया। अगले दिन 24 अगस्त की दोपहर लगभग 12:30 से 1:00 बजे के बीच सिमकार्ड का नेटवर्क चला गया। पिता ने जानकारी दी तो वह एयरटेल के कई स्टोर पर गए, पर रविवार के चलते सभी स्टोर बंद थे। 25 अगस्त की सुबह जब स्टोर पहुंचे तो पता चला कि एयरटेल कंपनी से कोई सिम बदलने का मैसेज नहीं भेजा गया। इसके बाद जानकारी की गई तो पता चला कि पिता के बैंक खाते से एक करोड़ 27 लाख 85 हजार 779 रुपये निकल चुके हैं। उन्होंने आनलाइन साइबर सेल में शिकायत की।
हरदीप ने बताया कि जानकारी करने पर ये पता चला कि पिता के तीन बैंक खातों से मुंबई की बैंक ऑफ इंडिया में रुपये ट्रांसफर हुए हैं। इसके बाद 26 अगस्त 2025 को साइबर क्राइम थाने में
मुकदमा कराया। साइबर टीम ने जांच की तो पता चला कि साइबर ठगों ने मुंबई की एक कंपनी से आनलाइन सोना खरीदा था। उस कंपनी से संपर्क करने पर सोना लेने वालों के बारे में जानकारी की गई, पर उनकी लोकेशन कभी लुधियाना तो कभी दिल्ली समेत कई राज्यों में बदलती जा रही थी। सर्विलांस टीम लगातार ठगों की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी थी। इसके बाद एक आरोपित मेरठ का अरशद ट्रेस हुआ, जिसे टीम ने दबिश देकर मेरठ से दबोच लिया।
