
रिपोर्ट: विजय तिवारी
वडोदरा। अवैध शराब तस्करी और नशे के बढ़ते खतरे पर कड़ा प्रहार करते हुए वडोदरा ग्रामीण पुलिस ने “ऑपरेशन पराक्रम” के तहत बड़ी कार्रवाई की। विभिन्न पुलिस स्टेशनों द्वारा अलग-अलग मामलों में जब्त की गई भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक साथ नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में कुल ₹1,76,83,128 कीमत की शराब को पूरी तरह खत्म किया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल कानून लागू करना ही नहीं, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश देना भी है कि नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नशे के खिलाफ सख्त अभियान
गुजरात में लागू सख्त शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस लगातार अवैध शराब के खिलाफ अभियान चला रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वडोदरा ग्रामीण क्षेत्र में शराब तस्करी, जुआ और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शराब तस्करी के नेटवर्क का पता लगाया जाए, अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए और जब्त माल का अदालत की अनुमति से समय-समय पर निपटान किया जाए।
इसी रणनीति के तहत “ऑपरेशन पराक्रम” शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य जिले में अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
कई थानों की संयुक्त कार्रवाई
अभियान के तहत वडोदरा ग्रामीण क्षेत्र के कई पुलिस स्टेशनों की टीमों ने मिलकर कार्रवाई की। इनमें सावली, भादरवा, डेसर और मंजुसर पुलिस स्टेशन शामिल रहे।
इन थानों ने अपने-अपने मामलों में जब्त शराब का रिकॉर्ड तैयार किया और उसे नष्ट करने के लिए अदालत से अनुमति प्राप्त की।
कोर्ट के आदेश के बाद नष्ट की गई शराब
शराब को नष्ट करने के लिए सावली कोर्ट के एडिशनल सिविल जज से आदेश प्राप्त किया गया। इसके बाद मंजुसर GIDC क्षेत्र में स्थित खुले मैदान में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।
सैकड़ों पेटियों में भरी शराब की बोतलों को जमीन पर फैलाकर भारी वाहनों और मशीनों से कुचलकर नष्ट कर दिया गया, ताकि यह अवैध माल दोबारा किसी के हाथ न लग सके।
कार्रवाई के दौरान सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, नायब कलेक्टर, नायब पुलिस अधीक्षक, नशाबंदी एवं आबकारी विभाग के अधिकारी और संबंधित पुलिस स्टेशनों के निरीक्षक व पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
इतने मामलों की शराब हुई नष्ट
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विभिन्न मामलों में जब्त शराब को एक साथ नष्ट किया गया।
- सावली पुलिस स्टेशन: 20 मामलों की करीब 8,562 बोतलें (लगभग ₹22.20 लाख)
- भादरवा पुलिस स्टेशन: 6 मामलों की करीब 23,481 बोतलें (लगभग ₹48.11 लाख)
- डेसर पुलिस स्टेशन: 6 मामले
- मंजुसर पुलिस स्टेशन: 10 मामले
इन सभी मामलों को मिलाकर कुल ₹1.76 करोड़ से अधिक कीमत की शराब नष्ट की गई।
युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब का कारोबार केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं है, बल्कि यह समाज और खासकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। नशे की लत कई बार युवाओं को अपराध की ओर धकेल देती है, परिवारों में कलह और आर्थिक संकट पैदा करती है तथा स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डालती है।
इसी वजह से पुलिस और प्रशासन ऐसे अभियानों के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि समाज को नशामुक्त बनाना केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार “ऑपरेशन पराक्रम” आगे भी जारी रहेगा। अवैध शराब के कारोबार में शामिल तस्करों और उनके नेटवर्क के खिलाफ लगातार छापेमारी, गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
