
रिपोर्ट : विजय तिवारी
चंदौली (उत्तर प्रदेश) — डीडीयू जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता ने एक बड़े अपराध को समय रहते रोक दिया। भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों पर शक होने पर जब जांच की गई, तो बाल तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया।
आरपीएफ टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 6 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया और आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान दिनेश मंडल के रूप में हुई है।
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि इन बच्चों को गुजरात के वड़ोदरा ले जाया जा रहा था, जहां उनसे मजदूरी कराए जाने की आशंका है। समय पर हुई इस कार्रवाई ने बच्चों को शोषण की कगार पर पहुंचने से पहले ही बचा लिया।

रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उनकी देखभाल और काउंसलिंग की जा रही है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि इसके पीछे छिपे बड़े गिरोह का भी पर्दाफाश किया जा सके।
यह कार्रवाई न सिर्फ आरपीएफ की मुस्तैदी का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सजग निगरानी से मानव तस्करी जैसे संगीन अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।