
क्राइम रिपोर्ट :अन्नू दिवाकर
मुम्बई । मुंबई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के कलिना पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में एक 32 वर्षीय ट्रेनी पुलिस कांस्टेबल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। मृतक की पहचान भैयासाहेब भीमराव वावले के रूप में हुई है, जो परभणी जिले के खडगांव गांव के निवासी थे। वे 7 फरवरी 2026 को मुंबई पुलिस में ड्राइवर के पद पर भर्ती हुए थे और वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे।
कमरे में लगा ली फांसी
पुलिस के अनुसार, वावले का शव 15 मार्च 2026 को उनके क्वार्टर के कमरे में फांसी लगी हालत में मिला। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी प्रेमिका (नांदेड़ की रहने वाली एक महिला, जिसका नाम दिव्या बताया जा रहा है) के माता-पिता पर मानसिक उत्पीड़न और धमकियों का गंभीर आरोप लगाया है।
दिव्या के साथ प्रेम संबंध में थे वावले
सुसाइड नोट में वावले ने लिखा कि वे पिछले डेढ़ साल से दिव्या के साथ प्रेम संबंध में थे और दोनों शादी करना चाहते थे। हालांकि, जब प्रेमिका के परिवार को इस रिश्ते की जानकारी हुई, तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया।
नोट के अनुसार, प्रेमिका के पिता ने उन्हें फोन पर धमकी दी कि यदि रिश्ता जारी रहा तो वे उसे मार डालेंगे या उसकी नौकरी छुड़वा देंगे। परिवार ने बार-बार दबाव डाला कि या तो वह रिश्ता खत्म कर ले या आत्महत्या कर ले, अन्यथा पुलिस में शिकायत कर उसे निलंबित करवाया जाएगा।
व्हावले के पिता ने सुसाइड नोट और अन्य सबूतों के आधार पर वाकोला पुलिस स्टेशन में प्रेमिका के माता-पिता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है और लिखावट की पुष्टि मृतक के पिता से कराई गई है।
पुलिस जांच में जुटी
वाकोला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारी जांच कर रहे हैं कि आरोपों की कितनी सच्चाई है, साथ ही पूरे घटनाक्रम की गहन पड़ताल की जा रही है। प्रारंभ में परिवार को मौत को ‘दुर्घटना’ बताया गया था, लेकिन सुसाइड नोट सामने आने के बाद इसे आत्महत्या का मामला माना गया।
यह घटना मुंबई पुलिस बल में ट्रेनिंग के दौरान हुई है
यह घटना मुंबई पुलिस बल में ट्रेनिंग के दौरान हुई है, जिससे विभाग के भीतर भी चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।