
अमेरिका और Iran के बीच जारी तनाव एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। गुरुवार सुबह दिए गए अपने बयान में Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों पर एक साथ भीषण हमला कर सकता है। ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर भी ट्रंप का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि अमेरिका का शुरुआती लक्ष्य ईरान में रेजीम चेंज नहीं था, लेकिन हालात ऐसे बने कि सुप्रीम लीडर की मौत के बाद सत्ता में बदलाव देखने को मिला। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या अमेरिका की रणनीति अब बदल चुकी है।
इसी बीच Israel और अमेरिका ने ईरान के एक महत्वपूर्ण पुल को निशाना बनाने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि यह पुल तेहरान को करज से जोड़ता है और रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जाता है। इस हमले में कई लोगों के घायल होने की खबर है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। वहीं, ईरान ने भी अमेरिकी धमकियों का सख्त जवाब दिया है। Strait of Hormuz और फारस की खाड़ी को लेकर ईरान ने कहा कि यहां से गुजरने वाली एकमात्र अमेरिकी चीज ‘ताबूत’ होंगे।

ईरान के इस बयान को सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि वह दबाव में आने के मूड में नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो यह टकराव बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्ते पर तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बढ़ते संकट पर टिकी हुई हैं।