
क्राइम रिपोर्ट :अन्नू दिवाकर कन्नौज।
शहर के चर्चित सुनीता श्रीवास्तव हत्याकांड के आरोपित ससुर-दामाद ने बुधवार को कचहरी परिसर में फिल्मी अंदाज में भागने का प्रयास किया। पेशी के दौरान आरोपितों ने सिपाही की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया, लेकिन पुलिस और अधिवक्ताओं की सक्रियता से दोनों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। जिला कारागार अनौगी में बंद आरोपित जसवंत सिंह (ससुर) और सूरज कश्यप (दामाद) को बुधवार को पेशी पर लाया गया था। कोर्ट से निकलते समय सूरज ने अभिरक्षा में तैनात सिपाही सचिन यादव की आंखों में लाल मिर्च पाउडर झोंक दिया और भागने लगा। शोर मचने पर अधिवक्ताओं ने जसवंत को तुरंत पकड़ लिया, जबकि सूरज कचहरी परिसर के पीछे झाड़ियों में छिप गया था। गेट बंद कर तलाशी अभियान चलाने के बाद पुलिस ने उसे भी दबोच लिया। इसके बाद दोनों को हवालात में बंद कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित ने जेल की मेस (रसोई) से ही मिर्च पाउडर चोरी कर इकट्ठा किया था और पहले से भागने की योजना बना रखी थी। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपितों पर पहले से ही गैंग्सटर एक्ट लगा हुआ है। सिपाही ने दोनों आरोपितों के खिलाफ सदर कोतवाली में नई प्राथमिकी (एफआइआर) दर्ज कराई है।
एसपी विनोद कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह को सौंप दी है। बताया कि दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। 27 सितंबर को मां-बेटी को बनाया था बंधक कुतलूपुर मुहल्ले में सुनीता श्रीवास्तव और उनकी बेटी को बंधक बनाया था। घर में टाइल्स लगाने वाले कारीगर बलरामपुर जिले के थाना तुलसीपुर के गांव नथाई प्रेमपुर निवासी जसवंत और उसके उन्नाव जिले के फतेहपुर चौरासी के फकरापुर निवासी दामाद सूरज ने सुनीता की हत्या कर दी थी। पुलिस ने सूरज को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। जसवंत को एटीएस ने दबोचा था। दोनों को अनौगी जेल में बंद किया गया था। सुनीता श्रीवास्तव का परिवार मूल रूप से जिला फतेहपुर के थाना बिंदकी के बलुआपुर के रहने वाला है। पहले हटाई सुरक्षा, दहशत में बेटियां सरेआम हुई वारदात के बाद पुलिस ने परिवार के घर सुरक्षा लगाई थी। सुरक्षा में पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस सुरक्षा हटा दी। वहीं, अब आरोपितों के भागने की कोशिश के बाद से बेटियां दहशत में हैं। बैंक कर्मी दीया ने बताया कि पहले ही पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा न हटाने का प्रार्थना पत्र दिया गया था। अब हत्यारोपित के भागने के प्रयास से वह दहशत में है। दीया के चाचा सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के बाद से परिवार परेशान है। घर में सिर्फ बेटियां रहती हैं। इससे सुरक्षा मुहैया कराई जाए।