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निर्मला सीतारमण की हाई लेवल मीटिंग, जानिए क्यों Mythos मॉडल ने बढ़ाई चिंता

निर्मला सीतारमण

गुरुवार के दिन बैंकों और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक एंड आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने एक अहम बैठक की। इस दौरान आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के खतरे पर ध्यान केंद्रित किया गया था। क्योंकि अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने अपना एक नया एआई मॉडल Mythos लॉन्च किया है, जिसके चलते दुनिया भर में जबरदस्त तरीके से हड़कंप मच गया है। दरअसल सामने ये बात निकलकर सामने आई है कि यह मॉडल बैंकिंग और फाइनेंशियल सिस्टम के डेटा पर खतरे की तरह उभर सकता है।

इसके अलावा इस बात का भी दावा किया जा रहा है कि इस मॉडल ने कई बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम में कमियों को उजागर किया है। ये मॉडल आगे चलकर और भी खतरनाक हो सकता है। ऐसे में ये मॉडल बैंकों और फाइनेंस संस्थाओं के पैसे तक पहुंचने का काम आसानी से कर सकता है। इसकी वजह से सरकार की भी नींद उड़ हुई है। वहीं, कई बैंकों और आरबीआई के साथ बैठक में कई चीजों को लेकर बातचीत की गई। इस दौरान निर्मला सीतारमण ने कई बैंकों के प्रमुखों के साथ हाई लेवल मीटिंग में इस मॉडल से जुड़ी साइबर सुरक्षा रिक्स के बारे में भी बात की।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्लाउड मिथोस, एंथ्रोपिक का सबसे पावरफुल मॉडल है। एआई स्टार्टअप के मुताबिक यह मॉडल साइबर सुरक्षा में इतना बेहतर है कि इसे आम जनता के लिए जारी नहीं किया जा सकता। कंपनी का ये कहना है कि मिथोस ने हजारों ऐसी साइबर सुरक्षा खामियों का पता लगाया है, जिन्हें ढूंढ काफी मुश्किल था। इनमें प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजरों में मौजूद 27 साल पुरानी कमिया भी शामिल हैं। भारत सरकार ही नहीं ऐसे कदम नहीं उठा रही है। अमेरिकी सरकार ने भी इसी तरह कदम उठाने के लिए वॉल स्ट्रीट के कई बैकों से बातचीत की है।

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