
क्राइम रिपोर्ट :अन्नू दिवाकर
कानपुर। कल्याणपुर के केशवपुरम में सेवानिवृत्त प्रवक्ता हरेंद्र सिंह की पत्नी निर्मला की हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले का शनिवार को 42 घंटे के भीतर राजफाश हो गया। वारदात को पीड़ित परिवार के पड़ोस में एक माह पहले तक किराये पर रहने वाले 19 साल के युवक ने ही अंजाम दिया था। प्रेमिका की फरमाइश पूरी करने और कर्ज का बोझ उतारने के लिए उसने यह साजिश रची थी।
500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले
पुलिस ने शनिवार को 500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद उसे कल्याणपुर के गंगा एन्क्लेव के पीछे से गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान मूलरूप से कानपुर देहात के मूसानगर खिरियनपुर गांव निवासी ईशु शर्मा उर्फ आर्यन के रूप में हुई। उसने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि पानी मांगने के लिए घर में गया तो आंटी (निर्मला) छोटी बेटी की शादी के लिए खरीदे गहने देख रही थीं। इस पर उसकी नीयत बिगड़ गई और लूट की योजना बनाने लगा।
ठिकाना बदल लिया
उसने पहले अपना ठिकाना बदला और करीब तीन किमी दूर रावतपुर के गणेश नगर में किराये के मकान में रहने लगा। यहां वह एक माह से क्राइम पेट्रोल सीरियल देख रहा था। तीन दिनों तक रेकी के बाद गुरुवार दोपहर वह छत पर ड्रोन गिरने की बात कहकर निर्मला के घर में घुसा। उनका गला घोंटकर 27 लाख रुपये के जेवर लूटे और फरार हो गया था। फिलहाल, पुलिस ने हत्यारोपित को जेल भेज दिया है।
ये था पूरा मामला
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, मूलरूप से बिहार के छपरा स्थित इकमा थानाक्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी हरेंद्र सिंह कारवालो नगर स्थित भारतीय इंटर कालेज में प्रवक्ता पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह यहां केशवपुरम में परिवार के साथ रहते हैं। गुरुवार दोपहर उनकी 55 वर्षीय पत्नी निर्मला की दिनदहाड़े घर में घुसकर हत्या के बाद 27 लाख के जेवर लूट लिए गए थे। ये जेवर उन्होंने छोटी बेटी पूजा की नवंबर में होने वाली शादी के लिए खरीदे थे। घटना के दौरान हरेंद्र पत्नी के लिए दवा लेने मेडिकल स्टोर गए थे।हत्याकांड के राजफाश के लिए पुलिस की 12 टीमें सक्रिय की गई थीं। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हरेंद्र की नौकरानी पर शक जताया, क्योंकि घटना के बाद भी वह घर नहीं आई और उसका मोबाइल फोन भी बंद था। नौकरानी, उसके बेटों समेत परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की गई, काल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) भी निकलवाई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पड़ोस में लगे कैमरे खंगाले गए तो टोपी और गमछा पहने एक संदिग्ध युवक नजर आया। नमक फैक्ट्री चौराहे के बाद स्मार्ट सिटी का कैमरा बंद होने से पुलिस भटक गई। इसके बाद, आपसपास की करीब एक दर्जन गलियों में लगे 500 से ज्यादा कैमरे खंगाले गए।
पैदल जाते दिखा युवक
एक सीसीटीवी फुटेज में युवक पैदल जाते दिख गया। कैमरों की जांच करते-करते पुलिस युवक के रावतपुर थाना क्षेत्र के गणेश नगर स्थित किराये के घर तक पहुंची, लेकिन वह फरार था। इस बीच, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शनिवार सुबह करीब सवा आठ बजे उसे कल्याणपुर के गंगा एन्क्लेव के पीछे से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसकी प्रेमिका अक्सर नई-नई फरमाइशें करती थी। मां फैक्ट्री में काम करती है। पिता रमेश कुमार मुख कैंसर से पीड़ित हैं। मां ने अपने जेवर 80 हजार रुपये में गिरवी रखे हैं। मां का कर्ज भी उसे चुकाना था। ऐसे में उसने लूट की योजना बनाई।
बाथरूम के पाइप में तार से बांधकर छिपाए थे लूट के जेवर
आरोपित ने बताया कि लूटे हुए जेवरों को उसने तीन हिस्सों में छिपाया था। कुछ जेवर उसने घर के बाथरूम में लगे पाइप में तार से बांधकर लटका दिए थे। कुछ हिस्सा आवास विकास में केसा के पीछे कूड़े के ढेर में गड्ढा खोदकर छिपा दिया था। वहीं, कुछ जेवर उसने विजय नगर में छिपाए थे। पुलिस ने तीनों जगहों से लूटा गया करीब 153 ग्राम जेवर बरामद कर लिए। डीसीपी पश्विम ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया

नशेबाजी-जुआ और साइबर ठगों के भी जाल में फंस चुका आरोपित
डीसीपी पश्चिम ने बताया कि हत्यारोपित ईशु के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। वह नशेबाजी और जुआ खेलने का आदी था। अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए वह अपना बैंक खाता साइबर ठगों को भी किराये पर दे चुका था। उसके खाते में ठगी के लगभग एक लाख रुपये भी आ चुके हैं। बाद में रुपये आना बंद हो गए थे। उसने बताया कि पिता बढ़ई हैं और उन्होंने हरेंद्र के घर अलमारी व फर्नीचर बनाए थे। उस दौरान हरेंद्र के घर खूब आना-जाना होता था।
हत्यारोपित बोला- अगर अंकल आ जाते तो वह भी मारे जाते
डीसीपी ने बताया कि हत्यारोपित को घटना का कोई पछतावा नहीं है। वह सुनियोजित तरह से घर में घुसा और ड्रोन लेने के बहाने छत पर भी गया। जब उसे तसल्ली हो गई कि निर्मला घर में अकेले हैं तो वह सीधे निर्मला के कमरे में पहुंचा और पीछे से गर्दन दबाकर गिरा दिया। गले में तुलसी की माला पकड़कर खींचते हुए कस दिया। उनका गला घोंटने के बाद उसने लूटपाट की और निकल भागा। उसने दुस्साहस दिखाते हुए कहा कि घटना के समय अगर अंकल आ जाते तो वह भी मारे जाते।