
क्राइम रिपोर्ट : अन्नू दिवाकर
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में महिला पत्रकार के अपहरण और अधमरी हालत में मिलने के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच के अनुसार, महिला पत्रकार ने कुछ पुलिसकर्मियों को फंसाने और उन पर दबाव बनाने के लिए खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची थी।
पुलिस के मुताबिक, चुनार क्षेत्र की रहने वाली यूट्यूबर और स्वयं को पत्रकार बताने वाली सरिता सिंह ने अपने पति समेत कुल छह लोगों के साथ मिलकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि वह चुनार पुलिस द्वारा कुछ लोगों को जेल भेजे जाने से नाराज थी और पुलिस पर अपनी मर्जी के मुताबिक कार्रवाई कराने का दबाव बना रही थी।
जब उसकी बात नहीं मानी गई, तब उसने पुलिसकर्मियों को फंसाने और कथित रूप से अवैध वसूली की योजना के तहत यह ड्रामा रचा।
अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) राजकुमार मीणा ने रविवार को बताया कि 6 मई को राजगढ़ थाना क्षेत्र के गरेरी करौंदा इलाके में सरिता सिंह हाथ-पैर और मुंह बंधी हालत में झाड़ियों के बीच मिली थी। उसके शरीर पर पेट्रोल डाला गया था। बारात से लौट रहे कुछ लोगों ने महिला को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज कराया गया।
जांच के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि महिला ने अपने पति और अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।

इस मामले में पुलिस ने सरिता सिंह, उसके पति, बहन, भाई और भाभी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों पर पुलिस को गुमराह करने, झूठा मामला दर्ज कराने और दबाव बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
बताया गया कि सरिता की मां की तहरीर पर 4 मई को अदलहाट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई थी।
