रिपोर्ट- अन्नू दिवाकर

पुणे में सामने आया यह मामला ‘दृश्यम’ फिल्म की कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा खौफनाक है। वारजे मालवाडी पुलिस ने 38 वर्षीय अंजलि समीर जाधव की हत्या का खुलासा किया है, जिसे उसके अपने पति समीर जाधव ने बेहद सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि वह ‘दृश्यम’ फिल्म देखकर अपराध को छिपाने की तकनीक से प्रभावित हुआ था। समीर, जो ऑटोमोबाइल डिप्लोमा धारक है और एक गैराज चलाता है, मूल रूप से अमरावती का रहने वाला है और पुणे के शिवणे में रहता था। उसकी शादी अंजलि से 2017 में हुई थी, जो एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थीं। दोनों के दो बच्चे हैं जो दिवाली की छुट्टियों में गांव गए हुए थे। इस दौरान ही आरोपी ने हत्या की योजना को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, समीर अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था, लेकिन तकनीकी जांच में पता चला कि असल में उसी के किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध थे। पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए उसने एक बड़ी साजिश रची। उसने अपने ही दोस्त के मोबाइल से अंजलि को मैसेज कर उनके चरित्र पर सवाल उठाए और फिर अंजलि के फोन से किसी तीसरे व्यक्ति को ‘आई लव यू’ मैसेज भेजकर खुद ही जवाब भी दिया। वह लगातार पत्नी को दोषी साबित करने की कोशिश कर रहा था। 26 अक्टूबर को समीर अंजलि को खेड शिवापुर के पास किराए के गोदाम को दिखाने के बहाने ले गया। यहां उसने गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए उसने पहले से ही तैयार की गई लोहे की भट्टी में शव को जला दिया और राख को पास की नदी में फेंक दिया। इसके बाद वह पुलिस थाने पहुंचा और पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवा दी।

लेकिन उसकी बढ़ी हुई बेचैनी, बार-बार थाने आकर पूछताछ करना, और सीसीटीवी फुटेज में मिली गड़बड़ियों ने पुलिस को शक में डाल दिया। तकनीकी जांच में तथ्यों के मेल न खाने पर जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो समीर टूट गया और अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और केस आगे की जांच के लिए राजगढ़ पुलिस को सौंप दिया गया है। यह घटना बताती है कि फिल्मों से प्रेरित अपराध कितने खतरनाक रूप ले सकते हैं।