
क्राइम रिपोर्ट :अन्नू दिवाकर
कानपुर। किदवईनगर में डिग्री खरीदने बेचने के आरोप में पकड़े गए शैलेंद्र ओझा और उसके साथियों को पुलिस ने बुधवार को 24 घंटे के लिए रिमांड पर लिया। आरोपियों को पुलिस उन्नाव और कौशांबी ले गई जहां से बीफार्मा की दो डिग्रियां और खाली चेकें बरामद हुई हैं। देर शाम आरोपियों को वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
18 फरवरी को किदवईनगर पुलिस ने जूही गोशाले के पास स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में छापा मारा था। वहां से पुलिस को एक हजार से ज्यादा मार्कशीट और डिग्री बरामद हुईं थीं। यह नौ प्रदेशों के 14 नामी यूनिवर्सिटी की थीं। मामले में पुलिस ने तब सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा समेत चार और बाद में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
एडीसीपी साउथ योगेश कुमार ने बताया कि 24 घंटे की रिमांड मंजूर होने पर बुधवार को पुलिस ने शैलेंद्र उसके साथी नागेंद्रमणि त्रिपाठी, जोगेंद्र और उन्नाव के अश्वनी कुमार सिंह को रिमांड पर लिया। अश्वनी के उन्नाव स्थित घर से बीफार्मा की दो डिग्रियां बरामद हुईं। वहीं नागेंद्र को कौशांबी स्थित उसके कार्यालय ले जाया गया, जहां से ब्लैंक चेकें बरामद हुईं, जो शैलेंद्र के नाम पर थीं। जबकि शैलेंद्र को एक बार फिर जूही गोशाला स्थित कार्यालय ले जाया गया जहां से कुछ अन्य दस्तावेज मिले। एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों से और बरामदगी हो सकती थी लेकिन समय कम होने के चलते वापस लौटना पड़ा। ऐसे में जरूरत पड़ने पर फिर से कोर्ट में रिमांड की अनुमति डाली जा सकती है।