
बिहार की नई NDA सरकार के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कैबिनेट में बड़ा बदलाव किया है। इस बार मंत्रिमंडल में नए चेहरों को जगह देकर सरकार ने अनुभव और ऊर्जा का संतुलन बनाने की कोशिश की है। 2025 के इस नए कैबिनेट में जहां 10 नए चेहरे शामिल किए गए हैं, वहीं 19 पुराने मंत्रियों का पत्ता कट गया है। इस फेरबदल ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।

नई टीम में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को तरजीह दी गई है। माना जा रहा है कि विकास के नए एजेंडे को गति देने और प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने के लिए यह बदलाव जरूरी था। दूसरी ओर, जिन पुराने मंत्रियों को बाहर किया गया है, उनके प्रदर्शन और जनता के बीच की छवि भी महत्वपूर्ण कारण माने जा रहे हैं।
नीतीश कुमार की इस नई टीम से जनता की उम्मीदें बढ़ी हैं और गठबंधन सहयोगी भी इसे एक सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह कैबिनेट बिहार के विकास, रोजगार, कृषि, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर किस तरह काम करता है, यह देखने वाली बात होगी।
