
बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) में घमासान मच गया है। मधुबन विधानसभा सीट से टिकट की उम्मीद कर रहे आरजेडी कार्यकर्ता मदन शाह को पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके बाद उन्होंने जमकर हंगामा किया। मदन शाह की नाराज़गी इस कदर बढ़ गई कि उन्होंने पटना में पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के आवास के बाहर प्रदर्शन किया, कुर्ता फाड़ दिया और ज़मीन पर लेटकर रोने लगे। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। मदन शाह का आरोप है कि आरजेडी में टिकट देने के लिए पैसे की मांग की जाती है। उन्होंने कहा कि वे कई सालों से पार्टी के लिए मेहनत कर रहे हैं, लोगों की मदद करते हैं, लेकिन जब टिकट बांटने की बारी आई तो पैसे वालों को प्राथमिकता दी गई।

मदन शाह ने यह भी कहा कि पार्टी में मेहनती और जमीनी कार्यकर्ताओं की कोई कद्र नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने उनसे चुनावी टिकट के लिए लाखों रुपये मांगे थे, लेकिन जब उन्होंने देने से इनकार किया, तो उनका नाम उम्मीदवारों की सूची से हटा दिया गया। बताया जा रहा है कि आरजेडी ने मधुबन सीट से किसी और उम्मीदवार को टिकट दिया है, जिससे मदन शाह और उनके समर्थक नाराज़ हैं। इस घटना के बाद पार्टी कार्यालय के बाहर भी समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। मदन शाह का कहना है कि अगर पार्टी ने उनके साथ न्याय नहीं किया, तो वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह लालू यादव के विचारों से प्रभावित होकर पार्टी में आए थे, लेकिन अब पार्टी में भ्रष्टाचार और गुटबाजी बढ़ गई है।

आरजेडी में यह पहला मामला नहीं है जब टिकट को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी कई जिलों में ऐसे ही विरोध देखने को मिले हैं, जहां स्थानीय नेताओं ने टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी आलाकमान पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण के समय हर पार्टी में असंतोष देखने को मिलता है, लेकिन सार्वजनिक रूप से इस तरह का विरोध पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।वहीं, आरजेडी की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि टिकट चयन प्रक्रिया पूरी तरह से सर्वे रिपोर्ट और स्थानीय समीकरणों के आधार पर की गई है। कुछ लोगों की नाराज़गी स्वाभाविक है, लेकिन इसका असर चुनावी नतीजों पर नहीं पड़ेगा।