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बिहार की राजनीति: महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार में बड़ा बदलाव होगा राहुल गांधी का नया दांव

बिहार की सियासत इन दिनों फिर गरमाई हुई है। विधानसभा चुनावों की तैयारी जोरों पर है और सभी दल अपने-अपने पत्ते खोल रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव चला है। उन्होंने कहा है कि अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी, तो राज्य में ऐसा बदलाव होगा जिसे लोग महसूस करेंगे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय हर क्षेत्र में नई शुरुआत होगी।

राहुल गांधी ने हाल ही में अपनी बिहार यात्रा के दौरान जनता से सीधा संवाद करते हुए कहा कि बिहार के युवाओं के पास सपने तो बहुत हैं, पर मौके नहीं। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “बिहार में मुख्यमंत्री तो हैं, लेकिन रिमोट कंट्रोल कहीं और है। उनका इशारा साफ तौर पर नीतीश कुमार और केंद्र की ओर था। राहुल ने कहा कि “बिहार को अब दिल्ली से नहीं, पटना से चलाने की जरूरत है।

उनका यह बयान सिर्फ एक चुनावी हमला नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेश भी है। राहुल गांधी चाहते हैं कि बिहार में कांग्रेस और आरजेडी के नेतृत्व वाला महागठबंधन एक बार फिर जनता के बीच मजबूत विकल्प बनकर उभरे। उन्होंने कहा, अगर हमारी सरकार बनी, तो शिक्षा और स्वास्थ्य को मुफ्त और सुलभ बनाना हमारी प्राथमिकता होगी। बेरोजगारी खत्म करने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और कृषि आधारित रोजगार के मौके बढ़ाए जाएंगे।

महागठबंधन में राजद, कांग्रेस और वामदलों का गठजोड़ है। तेजस्वी यादव पहले से ही बेरोजगारी और पलायन को बड़ा मुद्दा बनाकर जनता के बीच जा रहे हैं। अब राहुल गांधी की सक्रियता से इस गठबंधन में नई ऊर्जा आई है। कांग्रेस बिहार में लंबे समय से कमजोर स्थिति में रही है, लेकिन राहुल के इस दौरे को कांग्रेस के पुनर्जीवन की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

वहीं, एनडीए और जेडीयू-भाजपा गठबंधन ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। जेडीयू नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने बिहार का अपमान किया है और राज्य में पिछले वर्षों में जो विकास हुआ है, उसे नकारा नहीं जा सकता। उनका कहना है कि आज बिहार की सड़कों, बिजली, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं।

लेकिन यह भी सच है कि राज्य में बेरोजगारी, पलायन और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याएँ अब भी बनी हुई हैं। यही वजह है कि राहुल गांधी का यह नया दांव जनता के बीच असर डाल सकता है। उन्होंने युवाओं से कहा, बदलाव तभी आएगा, जब बिहार अपने हक के लिए खड़ा होगा।

राहुल गांधी इस बार सिर्फ बयान नहीं, बल्कि बदलाव की कहानी गढ़ना चाहते हैं. ताकि बिहार में महागठबंधन को नई पहचान मिले और कांग्रेस फिर से मजबूत हो।

अब देखना होगा कि जनता उनके वादों को कितना भरोसेमंद मानती है और क्या महागठबंधन वाकई बिहार में बदलाव का नया अध्याय लिख पाता है या नहीं। by shruti kumari

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