
14 दिसंबर, 2024 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में “वोट चोर, गद्दी छोड़ो” शीर्षक से एक विशाल महा रैली का आयोजन किया। इस रैली में देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जनता के अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करना था।
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं का कहना था कि हाल के वर्षों में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं और जनता के जनादेश का सम्मान नहीं किया जा रहा। “वोट चोर, गद्दी छोड़ो” का नारा इसी असंतोष और आक्रोश का प्रतीक बनकर उभरा, जिसे रैली में मौजूद हजारों लोगों ने एक स्वर में दोहराया।
कांग्रेस नेतृत्व ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट होता है। यदि वोट की पवित्रता पर ही सवाल उठने लगें, तो यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरा बन जाता है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रहा है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। रैली के माध्यम से कांग्रेस ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि वह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।

इस महा रैली में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आम आदमी की परेशानियां बढ़ी हैं, लेकिन सरकार जमीनी मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय सत्ता बनाए रखने की राजनीति में लगी हुई है। कांग्रेस नेताओं ने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहें और लोकतंत्र को कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट हों।
रामलीला मैदान में आयोजित इस रैली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस और प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। रैली में विभिन्न राज्यों से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे और बैनर के साथ सरकार विरोधी नारे लगाए, जिससे पूरा मैदान राजनीतिक उत्साह से भर गया।
कुल मिलाकर, “वोट चोर, गद्दी छोड़ो” महा रैली कांग्रेस के लिए एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में सामने आई। इस रैली के जरिए पार्टी ने न केवल सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया, बल्कि आगामी राजनीतिक लड़ाई के लिए अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नया जोश भरने का प्रयास भी किया। यह रैली आने वाले समय में देश की राजनीति में क्या प्रभाव डालेगी, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन इतना तय है कि कांग्रेस ने लोकतंत्र और जनता की आवाज को केंद्र में रखकर अपनी लड़ाई को और तेज कर दिया है।
