
टीवी अभिनेत्री ध्रुवी हल्दनकर अब लेखिका के रूप में नई पहचान बना रही हैं। ‘प्यार के सात वचन धर्मपत्नी’, ‘देवांशी’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में नजर आ चुकी ध्रुवी ने अपने दिवंगत पिता पर आधारित एक किताब लिखी है, जिसका शीर्षक है ‘Beyond The Frame Beyond Fear’। यह पुस्तक उनके पिता दीपक हल्दनकर के जीवन और उनके असाधारण सिनेमाई सफर को समर्पित है। ध्रुवी के अनुसार, यह सिर्फ एक जीवनी नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और समर्पण की प्रेरक कहानियों का संग्रह है। उनके पिता फिल्म्स डिवीजन में चीफ के पद पर रहे और अपने करियर में कई ऐतिहासिक पलों को कैमरे में कैद किया।

उन्होंने देश के कई प्रधानमंत्रियों— इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पी. वी. नरसिम्हा राव, ज्ञानी जैल सिंह और नरेंद्र मोदी— से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों, राष्ट्रीय आंदोलनों और प्रतिनिधिमंडलों को कवर करते हुए हजारों डॉक्यूमेंट्री और न्यूज़रील्स शूट कीं। ध्रुवी बताती हैं कि इस किताब के माध्यम से उन्हें ऐसा महसूस होता है मानो उनके पिता एक बार फिर जीवंत हो उठे हों। उनके मुताबिक, यह पुस्तक उन पाठकों के लिए खास होगी जो कठिन परिस्थितियों में डटे रहने और चुनौतियों से जूझने की प्रेरक कहानियां पढ़ना चाहते हैं।
दीपक हल्दनकर ने अपने करियर की शुरुआत मशहूर सिनेमैटोग्राफर नरीमन ए. ईरानी के साथ फीचर फिल्मों में काम करते हुए की थी। उन्होंने ‘तलाश’, ‘महाराजा’, ‘बलिदान’ और ‘पकाज़िया’ जैसी फिल्मों में सहायक के तौर पर योगदान दिया। फिल्म्स डिवीजन और National Film Development Corporation of India (NFDC) के विलय के बाद, उनके पिता द्वारा शूट की गई हजारों फिल्मों का संग्रह अब NFDC के आर्काइव में सुरक्षित है। ध्रुवी को इस बात पर गर्व है कि भारतीय सिनेमा में उनके पिता के योगदान को सम्मान मिल रहा है।

यह पुस्तक 6 मार्च को NFDC ऑडिटोरियम में लॉन्च की जाएगी। ध्रुवी के लिए यह लॉन्च महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपने पिता और उनकी विरासत को सच्ची श्रद्धांजलि देने का अवसर है। लेखन के क्षेत्र में कदम रखने के बाद अब ध्रुवी अपनी अगली किताब पर भी काम कर रही हैं, जो एक रोमांटिक थ्रिलर होगी। दर्शकों और पाठकों को उनकी इस नई पेशकश का बेसब्री से इंतजार रहेगा।