
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल को भारतीय समयानुसार सुबह राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें संभवतः यूएस‑ईरान युद्ध के अंत का ऐलान किया जा सकता है। ट्रंप ने पहले संकेत दिए हैं कि अमेरिका युद्ध के अंतिम चरण में है और बहुत जल्द ईरान से अपनी सेनाएँ पीछे हटा सकता है। उन्होंने कहा है कि युद्ध को खत्म करने के लिए कोई विशेष समझौते की आवश्यकता नहीं है और अमेरिका दो से तीन हफ्तों के भीतर युद्ध से पीछे हट सकता है। हालांकि संघर्ष अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, युद्ध लगभग पांच सप्ताह से जारी है और दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है।
ट्रंप की रणनीति में सीधे शांति समझौते के बजाय ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीमित करना और फिर धीरे-धीरे पीछे हटना शामिल है। क्षेत्रीय देशों ने शांति के लिए मध्यस्थता की कोशिशें शुरू कर दी हैं, जिसमें चीन और पाकिस्तान ने पाँच‑सूत्री शांति योजना पेश की है, लेकिन ईरान ने इसके कुछ शर्तों का विरोध किया है। इस बीच, युद्ध के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली और तेल की कीमतें बढ़ गईं। ट्रंप के संकेतों से बाजार में शांति की आशा भी पैदा हुई है, जिससे कीमतों पर मंदी की संभावना बन रही है।

कुल मिलाकर, ट्रंप के राष्ट्र संबोधन को युद्ध विराम की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, और इससे वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ने की उम्मीद है। युद्ध के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल‑पुथल रही है। तेल की कीमतें ऊपर गईं और कई देश अपने आर्थिक प्रभावों को झेल रहे हैं। ट्रंप के संकेतों से बाज़ार में कहीं‑ना‑कहीं शांति की आशा भी पैदा हुई है, जिससे कीमतों पर मंदी की उम्मीदें बन रही हैं।