
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में बताया कि ईरान पर हमले के फैसले में उनके युद्ध सचिव Pete Hegseth की अहम भूमिका रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पूरा मामला उस समय का है जब अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहे थे। बताया जा रहा है कि ट्रंप को अलग-अलग विकल्प दिए गए थे, लेकिन अंतिम फैसला लेने से पहले उन्होंने अपने रक्षा सलाहकारों से बातचीत की। इस दौरान पीट हेगसेथ ने उन्हें सख्त कार्रवाई की सलाह दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, हेगसेथ का मानना था कि अगर ईरान की सैन्य ताकत और उसके हथियार कार्यक्रम को कमजोर करना है, तो सीमित नहीं बल्कि व्यापक हमले जरूरी होंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका को अपने दुश्मनों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाना चाहिए, ताकि भविष्य में खतरा कम हो सके।
इसके बाद ट्रंप ने इस सलाह को गंभीरता से लिया और ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान को मंजूरी दे दी। इस अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। बताया जाता है कि अमेरिका ने हजारों टारगेट्स पर हमले किए, जिनमें मिसाइल ठिकाने, नौसेना के बेस और अन्य सैन्य ढांचे शामिल थे। हालांकि, इस फैसले को लेकर काफी विवाद भी हुआ। कई विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की आक्रामक रणनीति से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि इससे ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा और अमेरिका ने अपनी ताकत का संदेश दिया। इसी बीच, हाल की घटनाओं में यह भी सामने आया है कि अमेरिका ने कुछ हमलों को अस्थायी रूप से टाल दिया है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। ट्रंप ने खुद कहा कि ईरान के साथ बातचीत “काफी सकारात्मक” रही है, इसलिए फिलहाल कुछ सैन्य कार्रवाइयों को रोका गया है।

हालांकि ईरान ने इन बातचीत की खबरों को नकार दिया है और कहा है कि जब तक हमले बंद नहीं होते, तब तक कोई सीधी बातचीत नहीं होगी। कुल मिलाकर, यह साफ है कि ईरान पर हमले का फैसला अचानक नहीं लिया गया था, बल्कि इसके पीछे कई स्तरों पर रणनीतिक चर्चा हुई थी। इसमें पीट हेगसेथ की सलाह ने अहम भूमिका निभाई, जिसने ट्रंप को सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह तनाव बातचीत से कम होता है या फिर हालात और ज्यादा गंभीर होते हैं।