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महिला डॉक्टर ने आत्महत्या की, हथेली पर लिखा सुसाइड नोट, मुख्यमंत्री ने तुरंत निलंबन का दिया आदेश

Crime news

क्राइम रिपोर्टर : अन्नू दिवाकर

महाराष्ट्र के सतारा जिले के फलटण इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां डॉ. संपदा मुंडे, जो फलटण उपजिला अस्पताल में तैनात थीं, ने आत्महत्या कर ली। महिला डॉक्टर ने अपने हाथ पर सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने दो पुलिसकर्मियों पर यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। डॉ. मुंडे ने अपने सुसाइड नोट में बताया कि वह पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच चल रहे विवाद में फंसी हुई थीं। उन्होंने लिखा कि एक मेडिकल जांच से जुड़े मामले में उनका पुलिस अधिकारियों से वाद-विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई थी।

सुसाइड नोट में उन्होंने साफ लिखा कि पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बदाने ने पांच महीनों तक कई बार उनके साथ बलात्कार किया, जबकि पुलिस अधिकारी प्रशांत बनकर ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने यह भी लिखा कि यह सब झेलना उनके लिए असंभव हो गया और इस वजह से उन्होंने जान देने का फैसला किया। घटना की जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचते ही उन्होंने सतारा के पुलिस अधीक्षक से तत्काल रिपोर्ट मांगी। मुख्यमंत्री ने दोनों आरोपित पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोई भी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है और यदि आरोप सही पाए गए तो उन्हें सजा मिलेगी। मुख्यमंत्री की पहल से अब इस मामले की जांच तेज़ी से आगे बढ़ेगी। महिला डॉक्टर के हाथ पर लिखा सुसाइड नोट अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, अस्पताल और पुलिस विभाग में इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉक्टर का शव एक होटल के कमरे में मिला। उनके हाथ में लिखा सुसाइड नोट और उनके द्वारा बताए गए पुलिस अधिकारियों के नाम से मामला और गंभीर बन गया है।

यह घटना महाराष्ट्र में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों के लिए गंभीर संदेश है। महिला डॉक्टर की आत्महत्या ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और यौन उत्पीड़न के मामलों पर ध्यान खींचा है। लोग मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ तेजी से न्याय और कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही यह मामला बताता है कि किसी भी विभाग या संस्था में अगर महिलाएं प्रताड़ित होती हैं तो उनकी सुरक्षा और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

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