
समस्तीपुर के लिए यह एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है, जब महज़ 14 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा और अथक मेहनत से न केवल जिले बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। कम उम्र में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले वैभव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा विशेष सम्मान से नवाज़ा गया, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
वैभव सूर्यवंशी ने जिस लगन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा को निखारा है, वही आज उनकी पहचान बन चुका है। उम्र भले ही छोटी हो, लेकिन उनके सपने बड़े हैं और हौसला उससे भी कहीं ज्यादा। राष्ट्रपति भवन में मिला यह सम्मान सिर्फ वैभव के लिए ही नहीं, बल्कि समस्तीपुर के हर उस बच्चे के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद कुछ बड़ा करने का सपना देखता है।

इस सम्मान के बाद वैभव के परिवार, शिक्षकों और जिलेवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हर कोई गर्व के साथ कह रहा है कि समस्तीपुर की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। वैभव की सफलता यह साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी उम्र सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।
आज वैभव सूर्यवंशी देश के लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। उनका यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने, कठिन परिश्रम करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने की प्रेरणा देता रहेगा।
