
ब्यूरो रिपोर्ट : सिटीजन बी अलर्ट
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के सांसद Raghav Chadha एक बार फिर उपभोक्ताओं के हितों को लेकर संसद में मुखर नजर आए। उन्होंने इस बार फ्रूट जूस कंपनियों की भ्रामक मार्केटिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को “फ्रूट जूस” के नाम पर असल में मीठा पानी बेचा जा रहा है।
राज्यसभा में उन्होंने सरकार से अपील की कि इस तरह की भ्रामक ब्रांडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े ब्रांड अपने पैकेट पर ताजे फलों की आकर्षक तस्वीरें लगाकर ग्राहकों को भ्रमित करते हैं, जबकि असली सच्चाई पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में छुपा दी जाती है।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा कि यह सिर्फ धोखा नहीं बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के उत्पाद खासकर बच्चों को मधुमेह और अन्य लाइफस्टाइल बीमारियों की ओर धकेल रहे हैं।
इससे पहले भी राघव चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों की डेली डेटा लिमिट को लेकर संसद में सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि कंपनियां 1.5GB, 2GB या 3GB प्रतिदिन के प्लान देती हैं, लेकिन अगर यूजर पूरा डेटा इस्तेमाल नहीं कर पाता तो बचा हुआ डेटा आधी रात को खत्म हो जाता है।
उन्होंने मांग की कि बचा हुआ डेटा अगले दिन में जोड़ने यानी “डेटा कैरी फॉरवर्ड” की सुविधा दी जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को उनके पैसे का पूरा लाभ मिल सके।
राघव चड्ढा का कहना है कि अब समय आ गया है कि उपभोक्ताओं को कंपनियों की चालाकी से बचाने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।