
वडोदरा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने यहां बड़े पैमाने पर चल रहे पेट्रोल और डीजल चोरी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जवाहर नगर थाना क्षेत्र में चोरी का ईंधन इकट्ठा कर बेचा जा रहा है। इस जानकारी के आधार पर टीम ने अम्मा रोडवेज ट्रांसपोर्ट ऑफिस के पास एक खाली प्लॉट पर छापा मारा। वहां पुलिस ने देखा कि चोरी किया गया पेट्रोल और डीजल टैंकर से निकालकर ड्रमों में भरकर बेचा जा रहा था।

छापे के दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी का नाम शकील समनभाई रंगवाला है, जो फतेहगंज इलाके का रहने वाला है और पहले भी अपराधों में शामिल रह चुका है। पुलिस ने मौके से 18.48 लाख रुपए का पेट्रोल-डीजल, नकद पैसे, मोबाइल फोन, वाहन और एक टैंकर जब्त किया।कुल मिलाकर पुलिस ने लगभग 44.25 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।
यह कार्रवाई पुलिस निरीक्षक पी.पी. ब्रह्मभट्ट की टीम ने की। इस खुलासे ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की चौकसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इतना बड़ा अवैध धंधा शहर के बीचोंबीच चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह नगरपालिका और औद्योगिक वाहनों से डीजल चोरी करता था,साथ ही टैंकरों से पेट्रोल निकालकर उसे अलग-अलग जगह बेच दिया जाता था।

यह कोई पहला मामला नहीं है। जुलाई में भी वडोदरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में तेल कंपनी के टैंकरों से ईंधन चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा था। तब पुलिस ने करीब 9,000 लीटर पेट्रोल और डीजल जब्त किया था। इसी तरह मोरबी जिले में भी कुछ महीने पहले खड़े वाहनों से 330 लीटर डीजल चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ा गया था, जिसमें चार लोग गिरफ्तार हुए थे और 3.61 लाख रुपए का माल बरामद हुआ था। इन लगातार मामलों से साफ है कि गुजरात में ईंधन चोरी का धंधा तेजी से बढ़ रहा है, और अब जरूरत है कि प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करे ताकि ऐसे अपराधियों पर लगाम लग सके।