
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। Strait of Hormuz के आसपास हालात बिगड़ने और Iran तथा Israel के बीच बढ़ते टकराव के बीच भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ने की वजह से घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद Delhi में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये के आसपास पहुंच गई है। वहीं Mumbai सहित कई अन्य शहरों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसका सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है, क्योंकि गैस सिलेंडर रसोई का सबसे जरूरी हिस्सा होता है।
सिर्फ घरेलू ही नहीं बल्कि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1883 रुपये और मुंबई में लगभग 1835 रुपये के आसपास पहुंच गई है। कमर्शियल सिलेंडर के महंगे होने से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे फूड बिजनेस पर भी असर पड़ सकता है, जिसका असर आगे चलकर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की सप्लाई होती है। अगर इस इलाके में तनाव बढ़ता है या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है तो वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस के दाम बढ़ने का असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर भी पड़ता है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव कम होता है और सप्लाई सामान्य रहती है तो आने वाले समय में कीमतों में कुछ राहत भी मिल सकती है। फिलहाल गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है और घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।