
गुजरात में आतंक-विरोधी दस्ते को बड़ी कामयाबी मिली है। अहमदाबाद के निकट Adalaj Toll Plaza (गांधीनगर जिला) में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जिसमें तीन संदिग्ध आतंकियों को हिरासत में लिया गया। ये तीनों ISIS से जुड़े हुए पाए गए हैं और उनका पाकिस्तानी एजेंसियों से भी संबंध सामने आया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों में से दो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जबकि तीसरा हैदराबाद का रहने वाला है। सभी मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी गतिविधियाँ करने की साजिश रच रहे थे और हथियारों की आपूर्ति के लिए गुजरात आये थे।
पुलिस को बरामद हुई ये चीजें
पुलिस ने इनके कब्जे से 2 ग्लॉक पिस्टल, 1 बेरेट्टा पिस्टल, 30 जिंदा कारतूस और 4 लीटर कैस्टर ऑयल जब्त किया है। ये हथियार और सामग्री आतंकी मॉड्यूल के हिस्से के तौर पर, बड़े हमले को अंजाम देने के उद्देश्य से जमा किए गए थे। Gujarat ATS ने बताया कि ये तीनों पिछले साल से उनके रडार पर थे। सूचना मिलने के बाद जांच-परछां करने पर उनका नेटवर्क और इरादे स्पष्ट हुए। ये अलग-अलग मॉड्यूल में सक्रिय थे और आतंकी हमलों की प्लानिंग में लगे हुए थे। संस्थान ने यह भी बताया कि केवल तीन महीनों में ही गुजरात ATS ने लगभग 12 आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पहले अल-कायदा से जुड़े 5 और अन्य मॉड्यूल से जुड़े आरोपी शामिल थे।

यह कार्रवाई न सिर्फ राज्य बल्कि देश के लिए एक संदेश है कि आतंक-साजिश को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ हर समय मुस्तैद हैं। समय रहते सूचना पर कार्रवाई कर आतंकी षड्यंत्रों को रोका जा रहा है। एटीएस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह पिछले साल से उनकी निगरानी में था। इनकी हरकतों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। जांच में सामने आया कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान के आईएसआई नेटवर्क के संपर्क में था और उन्हें फंडिंग व निर्देश वहीं से मिल रहे थे। गिरफ्तारी के बाद तीनों से लंबी पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।