
मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना के प्रमुख अवसरों में से एक है। यह हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन शिव भक्त पूरे समर्पण के साथ व्रत, पूजा और मंत्र जाप करते हैं, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य, धन और शांति का संचार होता है। वर्ष 2025 में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है, क्योंकि इस वर्ष कई महत्वपूर्ण योग और ग्रहों की शुभ स्थिति भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली रहेगी। इस दिन शिव चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना गया है।
शास्त्रों के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से न केवल पिछले पापों का क्षय होता है, बल्कि मनुष्य को आध्यात्मिक बल और मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का सुगम मार्ग है। माना जाता है कि चंद्रमा से संबंधित दोष इस व्रत के प्रभाव से शांत हो जाते हैं और जीवन में सौभाग्य बढ़ता है। विशेष रूप से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत अत्यंत कल्याणकारी है।
शिव चालीसा के पाठ को मासिक शिवरात्रि की पूजा में अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यह न केवल भक्त के मन को शांत करता है, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। शिव चालीसा में वर्णित शिव के स्वरूप, शक्ति और उनके वरदानी स्वभाव की महिमा सुनकर हृदय में श्रद्धा और आत्मविश्वास बढ़ता है। शिव चालीसा का नियमित पाठ जीवन की कठिनाइयों को दूर करने, आजीविका में उन्नति और घर-परिवार में स्थिरता बनाए रखने में सहायक होता है।

शिव भक्त इस दिन सुबह नित्यकर्म के बाद जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं। शिवलिंग पर जल, दूध, शहद और बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। धन लाभ और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप अत्यंत फलदायी माना गया है। रात के समय शिव चालीसा का पाठ और महाशिवरात्रि की कथा सुनना शुभ फल प्रदान करता है। शाम के समय दीया जलाकर ध्यान एवं भजन-कीर्तन करने से वातावरण में पवित्रता बढ़ती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मासिक शिवरात्रि का व्रत सभी वर्गों के लोगों के लिए किया जा सकता है। इस व्रत में फलाहार का नियम अपनाया जाता है, हालांकि इच्छा अनुसार भक्त जल और फल लेकर पूरा दिन साधना में व्यतीत कर सकते हैं। इस दिन दान-पुण्य करना भी शुभ माना गया है। गरीबों को भोजन, कपड़े या जरूरत का सामान दान करने से भगवान शिव की विशेष कृपा बरसती है।
धार्मिक मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने और शिव चालीसा का पाठ करने से जीवन की रुकावटें दूर होती हैं और व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर सरलता से आगे बढ़ता है। यह दिन शिव भक्ति को और गहरा करने तथा अपने कर्मयोग को सशक्त बनाने का अवसर है।
वर्ष 2025 में मासिक शिवरात्रि पर शिव चालीसा का पाठ न केवल अध्यात्म के प्रति झुकाव बढ़ाएगा, बल्कि सौभाग्य और धन में वृद्धि करने वाला भी सिद्ध होगा। श्रद्धा, विश्वास और समर्पण के साथ की गई भक्ति निश्चित रूप से मनोकामनाओं को पूरा करेगी और जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगी। भगवान भोलेनाथ सभी पर अपनी कृपा बनाये रखें। हर-हर महादेव!
