ब्यूरो रिपोर्ट :सिटीजन बी अलर्ट

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देने वाला बड़ा फैसला लिया है। ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)’ को मंजूरी देकर सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की नींव रख दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 33,660 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसके तहत देशभर में 100 आधुनिक “प्लग-एंड-प्ले” औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।
सरकारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह योजना भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत
डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह भाटिया के मुताबिक, BHAVYA योजना पूरी तरह सेक्टर-न्यूट्रल है, यानी इसका लाभ हर प्रकार के उद्योग को मिलेगा। राज्यों और निजी निवेशकों के साथ मिलकर इसे लागू किया जाएगा, जिससे औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
यह योजना केवल फैक्ट्रियां स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करेगी, जिसमें कोर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक सुविधाएं और श्रमिकों के लिए बेहतर जीवन-व्यवस्था शामिल होगी।
क्या होगा खास?
BHAVYA योजना के तहत विकसित होने वाले औद्योगिक पार्क 100 से 1,000 एकड़ तक के होंगे, जहां:
- पहले से विकसित जमीन उपलब्ध होगी
- बिजली, पानी, सड़क और ड्रेनेज जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं मौजूद होंगी
- सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और पूर्व-अनुमोदित मंजूरियां मिलेंगी
इससे उद्योगों को “इंटेंट से प्रोडक्शन” तक पहुंचने में लगने वाला समय बेहद कम हो जाएगा।
निवेश को मिलेगा बड़ा बूस्ट
सरकार प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी। इसके अंतर्गत:
- मजबूत कोर इंफ्रास्ट्रक्चर
- रेडी-टू-यूज फैक्ट्री शेड और वेयरहाउस
- टेस्टिंग लैब और लॉजिस्टिक सुविधाएं
- श्रमिकों के लिए आवास और सामाजिक ढांचा
साथ ही, प्रोजेक्ट लागत का 25% तक बाहरी कनेक्टिविटी (जैसे सड़क, रेल लिंक) के लिए भी दिया जाएगा।
ग्रीन और स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब
इन पार्कों को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाएगा। हरित ऊर्जा, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर और “नो-डिग” इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं इन्हें आधुनिक और टिकाऊ बनाएंगी।
रोजगार और विकास का बड़ा अवसर
BHAVYA योजना से देशभर में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खासतौर पर:
- MSME सेक्टर को मजबूत प्लेटफॉर्म मिलेगा
- स्टार्टअप्स को रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा मिलेगा
- ग्लोबल निवेशकों को भारत में निवेश के लिए बेहतर माहौल मिलेगा
क्लस्टर आधारित विकास से सप्लाई चेन मजबूत होगी और क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
पहले से सफल मॉडल पर भरोसा
राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) इस योजना को लागू करेगा, जो पहले ही कई राज्यों में प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर सफल प्रोजेक्ट चला रहा है।