क्राइम रिपोर्ट :अन्नू दिवाकर

कानपुर देहात। डेरापुर थाना क्षेत्र के खिरवां गांव के गोलू की हत्या आरोपित ने अपनी प्रेमिका से नजदीकी बढ़ाने के प्रयास में की थी। हिरासत में पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गोलू के मोबाइल के साथ ही उसकी हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा घटनास्थल के पास गेहूं के एक खेत से बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसको जेल भेज दिया। डेरापुर के खिरवां गांव निवासी राजेन्द्र बाबू का अठारह साल का पुत्र गोलू एक फोन आने के बाद बुधवार शाम को घर से निकला था। इसके देर रात गांव के बाहर तालाब किनारे वह रक्तरंजित हालत में शव पड़ा मिला था। उपचार के दौरान उसकी हैलट अस्पताल कानपुर में मौत हो गई थी।
मामले में पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन कर रही पुलिस ने गोलू के फोन पर आखिरी तीन काल के आधार पर गांव के सुखवीर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कुछ देर तक इधर-उधर करने के बाद पुलिस के सख्त होते ही वह टूट गया और उसने गोलू की हत्या की स्वीकारोक्ति कर ली। उसने बताया कि उसकी प्रेमिका के फोटो बनाकर गोलू उससे नजदीकी बनाने का दबाव बना रहा था। इसक चलते ही उसने एक सप्ताह पूर्व गुजरात से गांव आकर उसको रास्ते से हटाने की योजना बनाई और फोन कर उसको बुलाने के बाद खेतों पर ले जाकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस की पूछताछ में सुखवीर ने अपने साथ गोलू के चचेरे भाई अभिषेक के भी शमिल होने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। छानबीन में घटना के समय उसके मुंगीसापुर में अपनी दुकान में मौजूद होने की बात सामने आई, जबकि घटनास्थल पर उसका लोकेशन भी नहीं मिला।
इसके बाद सख्ती से हुई पूछताछ में सुखवीर ने अभिषेक की वजह से ही प्रेमिका के उससे दूरी बनाने के कारण खुन्नस में उसका नाम लेकर उसे भी फांसने का प्रयास करने की बात कही। इंस्पेक्टर डेरापुर धीरेंद्र सिंह ने बताया कि अभिषेक के खिलाफ छानबीन में अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिला है। आरोपित सुखवीर की निशानदेही पर मृतक गोलू का मोबाइल व उसकी हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा बरामद कर उसका चालान कर दिया गया।