
बिहार विधानसभा चुनावी माहौल में सियासी हमलों का दौर तेज हो गया है। पूर्णिया में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। ओवैसी ने अपने भाषण में कहा, “तेजस्वी यादव अभी राजनीति के मैदान में नए हैं, उनका दूध का दांत भी नहीं टूटा है। उन्हें पहले जनता की परेशानियां समझनी चाहिए, फिर बड़े-बड़े भाषण देने चाहिए।”
ओवैसी के इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि बिहार में दशकों से परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति चल रही है, जिसने राज्य को विकास से बहुत पीछे धकेल दिया है। “यहां जनता की बात कम होती है और कुर्सी की लड़ाई ज़्यादा होती है। जनता बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली से परेशान है, लेकिन नेताओं को सिर्फ अपनी विरासत की चिंता है,” ओवैसी ने कहा।

अपने भाषण में ओवैसी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल अपने पिता लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक पूंजी पर निर्भर हैं। “राजनीति में सिर्फ परिवार का नाम काफी नहीं होता, लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना पड़ता है। जो लोग सिर्फ वंशवाद की सीढ़ी चढ़कर सत्ता में आना चाहते हैं, वे जनता का भला नहीं कर सकते,” उन्होंने कहा।
ओवैसी ने आगे कहा कि बिहार की राजनीति को नई दिशा देने की जरूरत है। “हम सत्ता के लिए नहीं, इंसाफ के लिए राजनीति करते हैं। हमारी लड़ाई गरीबों, किसानों, मजदूरों और अल्पसंख्यकों के अधिकार की है,” उन्होंने ऐलान किया। ओवैसी ने यह भी कहा कि एआईएमआईएम उन आवाज़ों का प्रतिनिधित्व करेगी जिन्हें अब तक अनदेखा किया गया है।
उन्होंने तेजस्वी यादव और महागठबंधन पर आरोप लगाया कि वे केवल चुनावी वक्त में लोगों के बीच आते हैं और वादे करके चले जाते हैं। “हर बार नई-नई घोषणाएं होती हैं, लेकिन जनता की हालत वही की वही रहती है। आज भी गांवों में रोजगार नहीं, युवाओं के पास अवसर नहीं और गरीबों के पास इलाज का साधन नहीं है,” ओवैसी ने कहा।
पूर्णिया की यह रैली एआईएमआईएम के लिए काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि सीमांचल इलाकों में ओवैसी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है। सभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और ओवैसी के भाषण के दौरान कई बार तालियां और नारे गूंजते रहे।
हालांकि ओवैसी के इस बयान पर राजद नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राजद प्रवक्ताओं ने कहा कि ओवैसी बिहार में वोटों का विभाजन कराने का काम कर रहे हैं और उनके बयान जनता को गुमराह करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अब एक अनुभवी नेता हैं, जिन्होंने बिहार विधानसभा में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाई है। by shruti kumari
