
पौष पुत्रदा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और फलदायी तिथि मानी जाती है। यह व्रत संतान की प्राप्ति, परिवार की समृद्धि और जीवन में उन्नति के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु की उपासना से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही, इस दिन भगवान शिव की आराधना भी अत्यंत शुभ मानी गई है। ऐसा करने से भक्तों के सभी मनोकामनाएं सिद्ध होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
पौष पुत्रदा एकादशी 2025 कब है?
2025 में पौष पुत्रदा एकादशी 11 जनवरी (शनिवार) को मनाई जाएगी। इस दिन व्रत, पूजा और दान करने का विशेष महत्व है।
शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें, मिलेगा शुभ फल
हालांकि यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, लेकिन भगवान शिव की पूजा इस दिन अत्यंत शुभ मानी जाती है। शिवलिंग पर ये 7 पवित्र वस्तुएं चढ़ाने से विशेष लाभ प्राप्त होता है—
1. जल एवं गंगाजल
शिव शुद्धता और आशीर्वाद के प्रतीक हैं। जल और गंगाजल अर्पित करने से जीवन की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन शांत रहता है।
2. बेलपत्र
बेलपत्र भगवान शिव के प्रिय होते हैं। पौष पुत्रदा एकादशी पर बेलपत्र चढ़ाने से वंश वृद्धि और परिवार में शांति आती है।
3. कच्चा दूध
शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से मानसिक तनाव कम होता है और परिवार में प्रेम बढ़ता है। ऐसा करने से भगवान विष्णु व शिव, दोनों की कृपा साथ मिलती है।
4. शहद
शहद शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। यह जीवन में मिठास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है।

5. अक्षत (चावल)
सफेद अक्षत अक्षुण्ण सौभाग्य का प्रतीक है। इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से परिवार में स्थिरता और समृद्धि आती है।
6. सफेद फूल
सफेद पुष्प शांति और पवित्रता के प्रतीक हैं। माना जाता है कि इससे भगवान शिव और श्री हरि दोनों प्रसन्न होते हैं।
7. धतूरा और भांग
ये शिव के प्रिय भोग हैं। यह अर्पण करने से मनोकामना सिद्धि और बाधाओं का नाश होता है।
पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व
संतान प्राप्ति के लिए विशेष व्रत
शास्त्रों के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी व्रत करने से संतानहीन दंपतियों को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
पापों से मुक्ति
इस दिन व्रत रखने से पिछले जन्मों और वर्तमान जीवन के पाप नष्ट हो जाते हैं। मन और आत्मा दोनों शुद्ध होते हैं।
विष्णु-शिव संयुक्त कृपा
इस तिथि पर विष्णु और शिव की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर में लक्ष्मी का आगमन होता है।
स्वास्थ्य और समृद्धि
व्रत, ध्यान और दान व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की शांति और आर्थिक उन्नति में सहायक होते हैं।
कैसे करें व्रत और पूजा?
- सुबह जल्दी स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
- भगवान विष्णु और भगवान शिव की संयुक्त पूजा करें।
- तुलसी, पीली वस्तु, फल और पंचामृत का अर्पण करें।
- पूरे दिन सत्संग, भजन और ध्यान में समय बिताएं।
- रात में जागरण करना शुभ माना जाता है।
