
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में ऐतिहासिक धर्मध्वज फहराया। सुबह से ही शहर में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियाँ की गई थीं। मंदिर परिसर में हजारों संत, प्रमुख अतिथि और संगठन प्रतिनिधि मौजूद रहे। ध्वजारोहण का यह कार्यक्रम प्रतीकात्मक ही नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने रामलला के सामने विशेष मंत्रोच्चार के बीच ध्वजारोहण किया।
भगवा ध्वज मंदिर के शिखर पर फहरते ही पूरा परिसर “जय श्री राम” के नारों से गूंज उठा। पीएम मोदी ने कहा कि “आज करोड़ों भारतीयों का सदियों पुराना सपना पूरा हुआ है। यह ध्वज न केवल हमारी आस्था का प्रतीक है बल्कि देश की एकता और संस्कृति की शक्ति को भी दर्शाता है।” इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अयोध्या का विकास एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का ध्वज भारत की आध्यात्मिक पहचान और हिंदू संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहे और मंदिर परिसर में आम दर्शन कुछ समय के लिए रोक दिए गए थे।

इसके अलावा राम मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों का भी पीएम मोदी ने निरीक्षण किया। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक यह पूरा कार्यक्रम अत्यंत शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। अयोध्या में आज का दिन लोगों के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण बन कर आया, जहाँ आस्था, परंपरा और आधुनिक भारत का संगम एक साथ देखने को मिला।