
बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। चुनावी माहौल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक नया दांव खेलते हुए बिहारवासियों से बड़े वादे किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है, तो राज्य में “नए दौर का विकास” और “जनता की सरकार” स्थापित की जाएगी।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि बिहार में जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने नीतीश कुमार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “डबल इंजन की सरकार” ने केवल बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ाया है। राहुल ने वादा किया कि महागठबंधन की सरकार आने पर युवाओं को रोजगार, किसानों को सम्मान और महिलाओं को सुरक्षा दी जाएगी।

बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी और सहयोगी दल राज्य के हर वर्ग को साथ लेकर चलेंगे चाहे वे किसान हों, मजदूर, दलित, पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक समुदाय। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, राहुल गांधी का यह बयान महागठबंधन की रणनीति में नई जान फूंक सकता है। जहां एनडीए विकास और स्थिरता को मुद्दा बना रही है, वहीं महागठबंधन “परिवर्तन” और “न्याय” के नारे के साथ जनता के बीच उतर चुका है।
बिहार की राजनीति में हर बयान, हर वादा एक नया समीकरण बनाता है। राहुल गांधी का यह दांव न सिर्फ विपक्ष को मजबूती देने की कोशिश है, बल्कि यह बिहार की जनता के दिलों में नई उम्मीद जगाने की भी पहल है। अब यह तो आने वाला वक्त बताएगा कि राहुल गांधी का यह दांव कितना असरदार साबित होता है।
