
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में गजब का उत्साह दिखाया। वोट डालने के लिए लोगों ने जो जुगाड़ किया, उसने सबका ध्यान खींच लिया। दरअसल, कई इलाकों में नदी और तालाब के कारण मतदान केंद्र तक पहुंचना मुश्किल था, लेकिन राघोपुर के ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने फोम और लकड़ी के टुकड़ों से नाव तैयार की और उसी पर सवार होकर मतदान केंद्र तक पहुंचे।
मतदाताओं का जोश देखने लायक था। सुबह से ही बूथों पर लंबी कतारें लगी थीं। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा — सभी ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। कई जगहों पर पानी भरे रास्तों के बावजूद लोगों ने पैदल और नाव से सफर तय कर मतदान केंद्र पहुंचने का जज्बा दिखाया। प्रशासन ने भी ऐसे इलाकों में सुरक्षा और परिवहन के विशेष इंतज़ाम किए थे।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के बाद कई गांवों का संपर्क सड़क मार्ग से टूट जाता है। लेकिन इस बार वोट देने का जोश ऐसा था कि किसी ने मुश्किलों की परवाह नहीं की। एक मतदाता ने कहा, “हमारे वोट से ही बदलाव आएगा, इसलिए चाहे नाव से जाना पड़े या पैदल, वोट जरूर डालेंगे।”
राघोपुर सीट हमेशा से राजनीतिक रूप से चर्चित रही है। यहां से कई बड़े नेता चुनावी मैदान में उतरते हैं, और इस बार भी मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। दोपहर 3 बजे तक यहां 63% मतदान दर्ज किया गया था, जो यह दिखाता है कि जनता अपने मताधिकार को लेकर कितनी सजग है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। बूथों पर सुरक्षा बल तैनात थे और ईवीएम की जांच भी नियमित रूप से की जा रही थी। वहीं, युवा मतदाताओं में पहली बार वोट डालने का उत्साह साफ झलक रहा था।
राघोपुर के लोगों का यह जज्बा बताता है कि बिहार में अब लोकतंत्र की समझ और जिम्मेदारी दोनों बढ़ी है। चाहे रास्ते में नदी हो या कीचड़, मतदाता अब अपने अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
