
ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता माना गया है। व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार शनि देव फल देते हैं। जब शनि प्रसन्न होते हैं तो जीवन में स्थिरता, सफलता और सम्मान मिलता है, लेकिन शनि देव के नाराज होने पर जीवन में अनेक परेशानियां आने लगती हैं। इसे ही शनि दोष कहा जाता है।
शनि देव के नाराज होने के प्रमुख संकेत
- बिना कारण काम बिगड़ना और बार-बार असफलता मिलना
- आर्थिक तंगी, कर्ज का बढ़ना और धन रुकना
- नौकरी या व्यापार में रुकावट, प्रमोशन न मिलना
- स्वास्थ्य समस्याएं, विशेषकर हड्डी, जोड़ और नसों से जुड़ी परेशानी
- मानसिक तनाव, भय और निराशा का बढ़ना
- रिश्तों में कड़वाहट और अकेलापन महसूस होना
शनि दोष के दौरान भूलकर भी न करें ये काम
- झूठ बोलना, धोखा देना और किसी का हक मारना
- गरीब, बुजुर्ग, मजदूर और जरूरतमंदों का अपमान
- आलस्य, अहंकार और गलत संगति में पड़ना
- शनिवार के दिन शराब, मांस और नशे से जुड़े पदार्थों का सेवन
- माता-पिता और गुरु का अनादर
शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय
- शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काला तिल, कंबल या भोजन दान करें
- ईमानदारी और मेहनत से अपने कर्म निभाएं
- शनि मंत्र का नियमित जाप करें
- पीपल के पेड़ की सेवा करें और उसके नीचे दीपक जलाएं
शास्त्रों के अनुसार, शनि देव व्यक्ति को दंड नहीं बल्कि सुधार का अवसर देते हैं। यदि समय रहते अपने कर्म सुधार लिए जाएं, तो शनि दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।

