
क्राइम रिपोर्ट : अन्नू दिवाकर
कानपुर देहात। जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मंगलवार को माती पुलिस लाइन सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डीआईजी कानपुर रेंज हरीश चन्दर ने जिले के पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों के साथ अपराधों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान डीआईजी ने लंबित मामलों में लापरवाही पर नाराजगी जताई और कई थानाध्यक्षों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि सभी लंबित विवेचनाओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, ताकि न्यायालयों में दोषसिद्धि की दर बढ़ सके।
उन्होंने गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, महिला अपराध और बच्चों के खिलाफ अपराधों को गंभीरता से लेते हुए इन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। डीआईजी ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों और संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोरतम कदम उठाए जाएं।
भू-माफिया और सक्रिय अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों के प्रति किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने एनडीपीएस एक्ट के तहत और अधिक प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दलदल से बचाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर भी डीआईजी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाया जाए। इसके लिए वन-स्टॉप सेंटर और मिशन शक्ति केन्द्रों को सक्रिय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में डीआईजी ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि वे निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। साथ ही जनता के बीच पुलिस की छवि को मैत्रीपूर्ण और भरोसेमंद बनाए रखने पर विशेष ध्यान दें।