
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत का 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मैच अहम है। अगर भारत यह मुकाबला हार गया या सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गया, तो कुछ सीनियर और युवा खिलाड़ियों के करियर पर असर पड़ सकता है। खासकर कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी फॉर्म इस टूर्नामेंट में खराब रही है, और अगर वे फिर चमक नहीं पाए, तो टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल उठ सकते हैं। सबसे बड़ा मुद्दा है ओपनिंग और सलामी बल्लेबाज़ी। भारत का टॉप-ऑर्डर इस वर्ल्ड कप में उम्मीद के मुताबिक़ नहीं चला है। खासकर अभिषेक शर्मा की फॉर्म बहुत नीचे रही है — उन्होंने चार मैचों में सिर्फ़ 15 रन ही बनाए हैं, और पहले कुछ पारियों में तो 3 बार डॉक (0 रन) पर आउट हुए। इससे आलोचना बढ़ गई है और अगर आज भी वे रन नहीं बनाए, तो उनकी टीम में जगह मुश्किल हो सकती है।
तिलक वर्मा भी कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। वे नंबर-3 पर खेलते हैं लेकिन इस टूर्नामेंट में सिर्फ़ 107 रन ही बना पाए हैं, और टीम को मजबूती देने में सफल नहीं हुए हैं। अगर वे भी फॉर्म में नहीं लौटते, तो यह उनके लिए चिंता की बात बनेगी और टीम चयन पर सवाल उठेंगे। दूसरी तरफ़, रिंकू सिंह का नाम भी चर्चा में रहा। पहले खबर थी कि वे फैमिली इमरजेंसी के कारण टीम से दूर रहे और मैच से पहले टीम में वापसी को लेकर अनिश्चितता थी। इसके बावजूद कोच ने उम्मीद जताई कि वे टीम से जुड़ जाएंगे। अगर वे खेलते हैं और बड़ा योगदान देते हैं तो टीम को फायदा होगा; लेकिन अगर वे रन नहीं बना पाए तो उनके बारे में भी सवाल उठेंगे।

सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी अब भी सूर्यकुमार यादव हैं, जो टीम के कप्तान भी हैं। वे टीम को अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन अगर परिवार की उम्मीदों के हिसाब से टीम जीत नहीं पाई तो कप्तान सहित कुछ सीनियर खिलाड़ी भी आलोचना झेल सकते हैं। भारतीय टीम के प्रशंसक चाहते हैं कि आज का मैच जीत कर भारत सेमीफाइनल की रेस में बने रहे। अगर भारत हारता है, तो न सिर्फ़ टीम का सफ़र ख़त्म होने का डर है, बल्कि कुछ खिलाड़ियों के भविष्य पर भी असर पड़ेगा — खासकर वे जिनकी रन-अंक बहुत कम रहे हैं या जिन्होंने इस बड़े टूर्नामेंट में पिछली कुछ पारियों में निराश किया है।